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पृथ्वी की खोज किसने की थी? | Prithvi ki khoj kisne ke

prithvi ko kisne banaya | prithvi ki khoj kisne ki thi

नमस्कार दोस्तों, आज के समय हम सभी के साथ करोड़ों लोग इस पृथ्वी पर रहते हैं। पृथ्वी ही एक मात्र ऐसा ग्रह है, जिस पर अभी तक जीवन के प्रमाण मिले हैं। पृथ्वी पर आज के समय करोड़ों अलग-अलग प्रकार के जीव जंतु पाए जाते हैं।  दोस्तों क्या आप जानते हैं, कि पृथ्वी की खोज किसने की थी, या फिर पृथ्वी के बारे में सबसे पहले जानकारी किस व्यक्ति के द्वारा दी गई थी।

यदि आपको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, तथा आप जानना चाहते हैं कि पृथ्वी की खोज किसने की थी, तो इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको यह सभी जानकारी देने वाले हैं।

आज किस आर्टिकल के माध्यम से हम जाने वाले हैं, पृथ्वी की खोज किसने की थी इसके अलावा पृथ्वी की खोज से जुड़ी सभी जानकारियां हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से देने वाले है।

पृथ्वी की खोज किसने की थी?

दोस्तों प्राचीन काल में लोगों का यही मानना था कि पृथ्वी सपाट है, तथा सूर्य इसके चारों तरफ चक्कर लगाता है। उन लोगों का यह मानना था कि पृथ्वी एक जगह स्थित रहती है, इसके अलावा सूर्य तथा चंद्रमा पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं। लेकिन उसके बाद निकोलस कोपरनिकस के द्वारा सबसे पहले पुष्टि की गई थी, कि पृथ्वी गोलाकार है तथा सूर्य पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर नहीं लगाता है, बल्कि पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ चक्कर लगाती है। निकोलस कोपरनिकस के द्वारा ही पहली बार बताया गया था कि पृथ्वी सौरमंडल का एक भाग है तथा सौर मंडल के सभी ग्रह पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं। निकोलस कोपरनिकस के द्वारा ही सबसे पहली बार सौरमंडल के सिद्धांत के बारे में जानकारी दी गई थी।

इसके बाद भारत के कई महान वैज्ञानिक के द्वारा पृथ्वी के गोल होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे पृथ्वी से जुड़ी अन्य चीजों की खोज होने लगी। लूटने पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल के बारे में जानकारी दी थी, न्यूटन के द्वारा बताया गया था कि पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण बल मौजूद है, जो हमको पृथ्वी से बांधे रखता है।

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पृथ्वी से जुड़ी कुछ खास बातें

1. आज के समय पृथ्वी पर मौजूद 99% प्रजातियां विलुप्त हो चुकी है, इनके अलावा भी पृथ्वी पर अरबों की मात्रा में प्रजातियां मौजूद हैं।

2. आज से 145 मिलियन साल के बाद पृथ्वी का एक दिन लगभग 25 घंटे का होने वाला है। आज के समय पृथ्वी का 1 दिन 24 घंटे का होता है। पृथ्वी की गति धीरे-धीरे बढ़ रही है तो इसी कारण 145 मिलियन साल के बाद पृथ्वी का एक दिन 24 घंटे का ना होकर 25 घंटे का होने वाला है।

3. पृथ्वी पर मौजूद समुद्री जहाज में से अभी तक 5% भाग के बारे में ही वैज्ञानिकों को जानकारी मिल पाई है। 95% समुद्री बाग के बारे में वैज्ञानिकों को कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है, इस 95% क्षेत्र में क्या है, कौन-कौन सी प्रजातियां रहती है इसके बारे में अभी तक कोई भी जानकारियां उपलब्ध नहीं है।

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आज आपने क्या सीखा

तो इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बताया कि पृथ्वी का आविष्कार किसने किया था। पृथ्वी के आविष्कार से जुड़ी संपूर्ण जानकारियों का हमने आपको पोस्ट के माध्यम से देने का प्रयास किया है। इसके अलावा पत्नी से जुड़ी कुछ खास बातों को भी हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से शेयर किया है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा पृथ्वी के आविष्कार से संबंधित दी गई यह जानकारी पसंद आई है, तथा आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया सीखने को मिला है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर जरूर करें, तथा नीचे कमेंट में हमें अपनी राय जरूर दें।

पृथ्वी का असली नाम क्या है?

राजा की कृतियों के उपहार के रूप में, पूरी पृथ्वी और भूमि को “पृथ्वी” कहा जाने लगा। उनका असली नाम श्रमण था।

पृथ्वी की खोज कब हुआ?

पृथ्वी के इतिहास में पहला युग, जो लगभग 4.54 अरब साल पहले (4.54 गा) सौर निहारिका से पृथ्वी के निर्माण के साथ शुरू हुआ, हैडियन कहलाता है। यह आर्कियन युग तक जारी रहा, जो 3.8 गा में शुरू हुआ।

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