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Bharat ka sabse lamba bandh || भारत का सबसे लंबा बांध

भारत का सबसे बड़ा बांध | sabse lamba bandh | भारत का सबसे लंबा बांध

जल पृथ्वी पर रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है। जल के बिना जीवन संभव नहीं है। इसलिए कहा जाता है कि जल ही जीवन है। अगर पानी का सही तरीके से भंडारण नहीं किया गया तो यह कई बार खतरनाक हो सकता है। इसीलिए पानी को सही तरीके से बचाने के लिए बांध बनाए जाते हैं। आज हम जानेंगे कि भारत का सबसे लंबा बांध कौन सा है।

भारत का सबसे लंबा बांध कौन सा है? || Which is the longest dam in India?

महा नदी पर बना “हीराकुंड बांध” भारत का सबसे लंबा बांध है। यह चीज उड़ीसा राज्य के संबलपुर जिले में महानंदा नदी पर बनी है। यह मानव निर्मित बांध है। हीराकुंड बांध 60.96 मीटर ऊंचा और 4.8 किमी लंबा है।




इस बांध का निर्माण 1947 में शुरू हुआ था जो 1957 में बनकर तैयार हुआ था। इस चीज के निर्माण में 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। इस पानी का उपयोग सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। यहां बिजली उत्पादन 347.5 मेगावाट है। जो उड़ीसा समेत बिहार और झारखंड की कई फैक्ट्रियों को बिजली सप्लाई करती है।

इस बांध के निर्माण के दौरान यहां कुछ पुराने मंदिर मिले थे। वर्तमान में इन मंदिरों के दर्शन करने के लिए कई पर्यटक यहां आते हैं। इन मंदिरों में मई और जून के दो महीनों के दौरान नाव से जाया जा सकता है। इनके अलावा, पर्यटक हीराकुंड के पानी का पता लगाने के लिए स्कूबा डाइविंग जैसी रोमांचक गतिविधियों में शामिल होते हैं।

आधिकारिक नाम हीराकुद बांध
ହୀରାକୁଦ ବନ୍ଧ (हीराकुद बन्ध)
स्थान सम्बलपुर से 16.5 किमी
निर्माण आरम्भ 1947
आरम्भ तिथि 1957
निर्माण लागत 1.01 billion Rs in 1953




घेराव Mahanadi River
~ऊँचाई 60.96 मी॰ (200 फीट)
लम्बाई 4.8 कि॰मी॰ (3 मील) (main section)
25.8 कि॰मी॰ (16 मील) (entire dam)
उत्प्लव मार्ग 64 sluice-gates, 34 crest-gates
उत्प्लव मार्ग क्षमता 42,450 cubic metres per second (1,499,000 घन फुट/सेकंड)
जलाशय
कुल क्षमता 5,896,000,000 मी3 (4,779,965 acre⋅ft)
जलग्रह क्षेत्र 83,400 कि॰मी2 (32,201 वर्ग मील)

हीराकुंड बांध के बारे में और कुछ जानकारी

महा नदी पर हीराकुंड बांध का निर्माण 1947 में शुरू हुआ था। और 1953 में बांध का निर्माण पूरा हुआ। जबकि वर्ष 1957 में यह बांध पूरी तरह से चालू हो गया था।




उड़ीसा राज्य में स्थित हीराकुंड बांध भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। हीराकुंड के दो पहाड़ों के बीच इस चीज को बड़ी ही समझदारी से बनाया गया था। चीज़ के दोनों ओर दो वॉचटावर हैं। जिनमें से एक को गांधी मीनार और दूसरी को नेहरू मीनार के नाम से जाना जाता है। इस वॉच टावर के ऊपर से इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता बहुत अच्छी तरह से देखी जा सकती है।

दोस्तों आपको भारत का सबसे लंबा बंद के बारे में जानकर कैसा लगा? क्या आपने कभी हीराकुंड बांध का दौरा किया है? अगर आपने देखा है तो आप हमें कमेंट करके बताएं।

हीराकुंड बांध ओडिशा में महानदी नदी पर बना एक बांध है। यह संबलपुर से 15 किमी दूर है। महानदी पर 1957 में बना यह बांध दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लंबा बांध है। इसकी कुल लंबाई 25.8 किमी है।

हीराकुंड बांध भारत का सबसे लंबा बांध है जो उड़ीसा राज्य के संबलपुर जिले में बनाया गया है। इस बांध की लंबाई लगभग 26 किमी है जो भारत के किसी भी बांध में सबसे अधिक है।

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हीराकुंड बांध कौन सी नदी पर है?

हीराकुण्ड बाँध ओडीसा में महानदी पर निर्मित एक बाँध है। यह सम्बलपुर से 15 किमी दूर है।

भारत में कुल कितने डैम है?

भारत में प्रमुख / मध्यम आकार के बांधों की कुल संख्या 3200 होने का अनुमान है।

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