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बैडमिटन में कितने खिलाड़ी होते हैं? | Badminton mein kitne khiladi hote hain

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नमस्कार दोस्तों, बैडमिटन एक काफी लोकप्रिय खेल है जिसको पूरी दुनिया के अनेक देशों के अंतर्गत खेलना पसंद किया जाता है, तथा इस खेल के काफी फैंस मौजूद है। आपने भी कहीं ना कहीं इस खेल के बारे में तो जरूर सुना हुआ होगा। दोस्तों क्या आप जानते हैं कि बैडमिटन में कितने खिलाड़ी होती हैं, यदि दोस्तों इसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है तथा आप इसके बारे में जानना चाहते हैं तो हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से इसके बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि बैडमिटन में कितने खिलाड़ी होते हैं, इसके अलावा हम आपको इस खेल से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी इस पोस्ट में देने वाले हैं, तो ऐसे में आज का यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, तो इसको अंत तक जरूर पढ़िए।

बैडमिटन में कितने खिलाड़ी होते हैं? | badminton mein kitne khiladi hote hain

अगर दोस्तों बात की जाएगी बेसबॉल खेल के अंतर्गत कितने खिलाड़ी होते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि इस खेल के अंतर्गत कुल 1 या 2 खिलाड़ी होते हैं, यानी कि 1 या 2 खिलाड़ियों के द्वारा इस खेल के मैच में हिस्सा लिया जाता है, तथा वह इस खेल को खेलते हैं।

अगर आपको बैडमिंटन खेल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो मैं आपको बता दूं कि बैडमिंटन के कुछ मैच के अंतर्गत दोनों टीमों में 1,1 खिलाड़ी होते हैं तथा कुछ मैच के अंतर्गत दोनों ही टीमों के अंतर्गत 2,2 खिलाड़ी भी होते हैं। तो इसलिए बैडमिंटन के खेल के अंतर्गत एक मैच के अंतर्गत 1 या 2 खिलाड़ी हो सकते हैं।

बैडमिटन क्या है? | badminton kya hai

बैडमिटन में कितने खिलाड़ी होते हैं? | badminton mein kitne khiladi hote hain

दोस्तों बैडमिंटन इस पूरी दुनिया के अंतर्गत खेले जाने वाला है काफी पॉपुलर खेल है। लगभग दुनिया के हर देश के अंतर्गत इस खेल को खेला जाता है। यह मैच 2 टीमों के बीच एक आयताकार ग्राउंड के अंतर्गत खेला जाता है जिसमें एक टीम के अंतर्गत एक या दो खिलाड़ी होते हैं। उस आयताकार ग्राउंड को एक नेट के जरिए दो भागों में विभाजित किया जाता है।

इस खेल को खेलने के लिए दो चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें रैकेट और शटल कॉक का इस्तेमाल किया जाता है। इस खेल में रैकेट की मदद से खिलाड़ी शटल कॉक को हवा में मारते है, तथा उसमें रैकेट की सहायता से उस खिलाड़ी को उस शटल कॉक को विपक्षी टीम के इससे में गिरकर पॉइंट लेना होता है। और अंत में पॉइंट के कैलकुलेशन के आधार पर इस खेल का विनर निर्धारित किया जाता है।

शटल कॉक एक खास तरह की गेंद होती है, जिसे चिड़िया की तरह बनाया जाता है। इसके अंतर्गत एक अनोखी उड़ान बनने की क्षमता होती है, इसके अलावा रैकेट इस गेंद को मारने के लिए बनाया गया एक तरह का बल्ला होता है। यह प्लास्टिक का बनाया जाता है।

बैडमिंटन से संबंधित खिलाड़ी कौन है?

  1. नंदू नाटेक
  1. परुपल्ली कश्यप
  1. अश्विनी पोनप्पा
  1. ज्वाला गुट्टा:
  1. अपर्णा पोपट
  1. श्रीकांत किदांबी
  1. साइना नेहवाल
  1. पीवी सिंधु
  1. पुलेला गोपीचंद
  1. प्रकाश पादुकोण

बैडमिंटन खेल का जन्मदाता कौन है?

ड्यूक ऑफ ब्यूफोर्ट को बैडमिंटन के खेल का जनक कहा जाता है क्योंकि उन्होंने पहली बार वर्ष 1873 में इंग्लैंड में बैडमिंटन के खेल की शुरुआत की थी और इस खेल का नाम बैडमिंटन हाउस बैडमिंटन हाउस के नाम पर रखा गया है।

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आज आपने क्या सीखा

तो आज के इस आर्टिकल के अंतर्गत आपने जाना की बेडमिटन में कितने खिलाड़ी होते हैं, हमने आपको उसके बारे में संपूर्ण जानकारी दी है। हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से बेडमिटन खेल से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी दी है कि बेडमिटन क्या होता है, इसको किस तरह से खेला जाता है।

हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से बेडमिटन खेल से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी देने का प्रयास किया है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई है जानकारी पसंद आई तथा आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया सीखने को मिला है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे शेयर जरूर करें, तथा अपनी राय आप हमें कमेंट में लेकर पहुंचा सकते हैं।

FAQ

बैडमिंटन से संबंधित खिलाड़ी कौन है?

2016 में, वह ओलंपिक रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, और साइना नेहवाल के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। सिंधु ने इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में महिला एकल में रजत पदक जीता।

बैडमिंटन का पुराना नाम क्या था?

ऐसा कहा जाता है कि इसकी खोज भारत के पुणे शहर में हुई थी और इसलिए उस समय इस खेल को पूना के नाम से जाना जाता था।

बैडमिंटन खेल की शुरूआत कहाँ से हुई?

नया खेल निश्चित रूप से 1873 में ग्लूस्टरशायर के बैडमिंटन हाउस में शुरू किया गया था, जो ड्यूक ऑफ ब्यूफोर्ट के स्वामित्व में था। उस समय तक, इसे “बैडमिंटन का खेल” के रूप में जाना जाता था और बाद में खेल का आधिकारिक नाम बैडमिंटन बन गया। 1887 तक, ब्रिटिश भारत में जारी समान नियमों के तहत इंग्लैंड में खेल खेला जाता रहा।

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