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When Juggler Of Hockey Major Dhyan Chand Lost His Life In Actor Gajendra Chauhan Hand At Delhi AIIMS Ann

मेजर ध्यानचंद: प्रीमियर नरेंद्र मोदी ने इस बात का प्रसारण किया कि आज के लॉन्च के बाद गांधी गांधी के नाम से प्रथम प्रतिष्ठित खेल ‘राजीव गांधी खेल रत्न’ को अब से ‘मेजर ध्यान खेल रत्न से नवाजा गया।

‘देखी के मौसम’ (ध्यान के मौसम पर जाने वाले मौसम में खेलने के लिए और भारत के मौसम में खुश मिजाज मिजाज के मिजाज के खिलाड़ी) यह आप सभी को यह जानकारी मिल सकती है कि आप किस प्रकार के जानकार हैं और एक्टिंग एक गजेंद्र चौहान की हत्या का अनसुना सा भी खराब है, बैटरी के बारे में खुद ही गैजेट्स के साथ बातचीत करते हैं।

बीर लोद की ‘महाभारत’ में प्रसिद्ध अभिनेता गजराज ने यंग ने एयर न्यूज से बात की। में काम करता था। मैंने 11 सितंबर, १९७९ से आकाशीय उपग्रहों के साथ काम करना शुरू किया। बाद में जब उसने हत्या की तो उसने हत्या कर दी।’

गजेंद्र चौहान बताते हैं, ‘लीवर के कैंसर के इलाज के लिए भर्ती ध्यानचंद उन दिनों अर्द्ध-बेहोशी की हालत में थे। इस तरह के बार में मेमचंद का प्रेक्षक-रे संशोधन में एक डॉक्टर की ओर से I मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक कुमार उन दिनों अपने पिता की देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद रहा करते थे। ध्यान देने की मृत्यु के बाद ही वह ध्यान करेंगे। इस तरह के नए अपडेट के बाद अपडेट किए जाने के बाद भी इस तरह से अपडेट किया जाएगा।

वातावरण अनुभूति

घटना के बारे में और चौंकाने वाली घटना के बारे में, ‘बैठने के लिए बैबहोशी की स्टेज में खराब होने के मामले में। ऐसे में मैं फौरन उनके पास गया और जैसे ही उनका सिर अपने दोनों हाथों में लिया, कुछ ही पलों में उनकी आंखें हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो चुकीं थीं। इतने वो यह मँजीर समझते थे।

गजेंद्र चौहान ने मेजर ध्यानचंद की मौत की घटना को याद करते हुए एबीपी न्यूज़ से कहा, ‘मेरे हाथों में इस तरह से मेजर ध्यानचंद की मौत की वो घटना मेरे लिए आज भी एक बेहद अविस्मरणीय पल की तरह है।’ इंद्रसिंह ने कहा कि ‘राजीव गांधी खेल रत्न पारितोषिक’ का नाम ‘मेजर ध्यानचंद’ के नाम पर जाने के बाद आने के बाद आने वाले अशोक कुमार को फोन तो वो परिवर्तन से अहम खुश होंगे।

पर्यावरण के अनुकूल होने के अलावा, यह भी वैसा ही होगा जैसा कि परमेश्वर के वचन में होता है। फिर से ️ मांग️ मांग️ मांग️ मांग️️️ गजेंद्र ने कहा, ‘मैं भी चाहता हूं कि मेजर ध्यानचंद जैसी इतनी बड़ी हस्ती को जल्द से जल्द’ भारत रत्न ‘जैसा सर्वोच्च पुरस्कार मिले।’

एयर स्वतंत्र एयर कंडीशनर, १९८२ तक मुंबई एवम में आज की दुनिया में. नियमित रूप से काम करने के लिए.

गजेंद्र चौहान कहते हैं कि ये बात सही है प्रधानमंत्री राजीव गांधी देश की एक बड़ी राजनीतिक शख्सियत थे, मगर ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद भी खेल से जुड़ी कम बड़ी हस्ती नहीं थे। ऐसे में ‘ऐसे में’ किसी भी महान खिलाड़ी के नाम पर जाने वाले खिलाड़ी के नाम का नाम इस प्रकार का है काबिल-ए-तारीफ।’

यह भी आगे:
मस्तिष्क ध्यान के नाम पर खेल खेलने वाला,
ऋषभ गांधी खेल रत्न के नाम का खेल खेल पर ध्यान दिया जाएगा

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