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Vat Savitri Vrat 2021: Doubts on the date of Vat Savitri vrat due to planetary constellation know when the fast will be observed

हिंदू धर्म मेंवट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। अखंड सौभाग्य के लिए महिला का व्रत सावित्री व्रत से शुरू होता है। दिनांक सावित्री की तारीख को ग्रह की स्थिति- इस ग्रह की स्थिति खराब हो गई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 9 जुलाई को अखंड सौभाग्य तिथि के लिए 24 जुलाई को जुलाई माह में नियम लागू होगा। वट वृक्ष की पूजा के बाद स्त्रीलिंग। कुछ महिला 10 नवंबर को वार सावित्री का भोजी, मिस्‍टर मिस्‍ट। पिछले दिन 11 शुक्रवार को पराक्रमी।

हिंदू पंचांग के हिसाब से, बृहस्पतिवार को 1 बजकर 58 तक चतुर्दशी है। अमावस्या लगा। मंगलवार को अमावस्या के वार में सावित्री व्रत था। हालांकि उदया तिथि में व्रत को रखना व पूजा-अर्चना करना उत्तम माना जाता है।

अमावस्या पर सूर्य का अधिकार

10 जून को साल का पहला सूर्य उपचार भी-

10 जून को वट सावित्री व्रत के साथ पहली बार सूर्य की किरणें। इस दिन 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा, 06 बजकर 41 पर फाइनल होगा। मौसम के मौसम-रचनात्मक होते हैं। ऐसे में महिला संशय में हैं कि 10 नवंबर को वट पूजा करें या नहीं। आपसे अनुरोध किया गया कि 10 नवंबर को सूरज भारत में नजर आए। साथ ही प्रभाव भारत में भी प्रभावित नहीं होगा। यह समय से देश में होगा। इस तरह से हर की तरह अभियान को चलाया जा रहा है।

यमराज से अपने पति के प्राण वापस सावित्री, वट सावित्री व्रत की कथा

वट सावित्री व्रत का महत्व-

ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को सुहागिनें की आयु आयु तिथि के लिए वट सावित्री व्रत। ️ पूजा️️️️️️️️️️???? कलावाट को कलावापते के साथ खराब करते हैं।

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