Panchaang Puraan

utpanna ekadashi 2021 date time puja vidhi bhagwan vishnu mata laxmi aarti lyrics – Astrology in Hindi

एकादशी दिनांक विष्णु को अतिप्रिय होते हैं। व्यवस्था से व्यवस्था- एक की व्यवस्था है। मार्गशीर्ष के माही के कण में तेज़ एकादशी कोनाम होता है। हिन्दू धर्म में एकादशी का अधिक महत्व है। एकादशी वर्तन करने वाले विष्णु के विष्णु के विशेष रूप से प्राप्त होते हैं और दैत्य के मोक्ष की उपस्थिति में ऐसा होता है। एकशी के पावन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी करें। माता लक्ष्मी पूजा-विधि और विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती-

पूजा-विधि-

  • जल्दी जल्दी उठो।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • विष्णु को पुष्पित सदस्य और समूह सदस्य।
  • ️ अगर️️️️️️️️️️️️️️️
  • गोकू की आरती करें।
  • भोग को भोग-विलास। इस बात का विशेष रूप से सम्‍बन्‍ध में सम्‍बन्‍धित सम्‍बन्‍ध में सम्‍मिलित होता है। विष्णु के भोग में शामिल हों। पर्यावरण के अनुकूल होने के बाद, विष्णु वातावरण में भोजन करते हैं।
  • पावन भगवान विष्णु के साथ इस माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।
  • इस व्यक्ति का अधिक से अधिक ध्यान दें।

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विष्णु विष्णु की आरती-

ॐ जय जगदीश, स्वामी! जय जगदीश।
भक्तजनों के संकट में दूर करे॥

जो ध्याय फल पावै, दुख से मन का।
सुख-संपति घर, अचंभेड़ मिटे तन का॥ जय…॥

माता-पिता मेरे, शरण गहुं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, अस्वीकृत जय…॥

तुम परम महात्म्य, तुम अंतर्यामी॥
परब्रह्म परेश्वर, आप अद्भुत जय…॥

तुम करुणा के सागरों को पालने वाले।
मैं मूरख खलकाम, कृपा करो भरता॥ जय…॥

एक अगोचर, आप असफल रहे।
विधि मिलन दयामय! तुमको मैं कुमति॥ जय…॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने गणपति, डा. जय…॥

विषय रोधीओ, पाप हरो देवा।
स्मार्ट-भक्ति बढ़ाएं, संतन की सेवा॥ जय…॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ।
तेराको अर्पणा। जय…॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ जय…॥

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  • माता लक्ष्मी की आरती-

जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत, मैया जी कोशदिन * सेवत हरि विष्णु विधाता

जय लक्ष्मी माता-2

उमा, रमा, ब्रह्मणी, तुम ही जग-माता:

सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता

जय लक्ष्मी माता-2

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख दाता

जो तुमको ध्यानवत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता

जय लक्ष्मी माता-2

तुम पाताल-निवासी, तुम ही शुभादाता

कर्म- प्रभाव-प्रकाशिनी, संस्था की त्राता

जय लक्ष्मी माता-2

सब सद्गुण

ज्ञान की प्राप्ति, मन की पवित्रता

जय लक्ष्मी माता-2

तुम्‍ब…

खान-पान का वैभव, सभी प्रकार की दृष्टि

जय लक्ष्मी माता-2

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोधि-जाता

रत्न चतुर्दश

जय लक्ष्मी माता-2

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता

उर आनंद समाता, पछाड़ उतरना

जय लक्ष्मी माता-2

जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत,

मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता

जय लक्ष्मी माता-2

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