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UN Warns About Environmental Disbalance And Its Future Consequences, World Meteorological Organization Report | 50 सालों में बेहद खराब हो चुका है धरती का संतुलन, संभल जाएं नहीं तो चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत

सम्मिश्रण (यूएन) ने कहा है कि डेटाबेस में बैलेंस का संतुलन मजबूत होता है। … ️ UN️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️

सम्मोहन (यूएन) के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की बात में ये कहा गया है। यह में कहा गया है कि प्राकृतिक के साथ आंतरिक रूप से भरपूर है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट के आंकड़े।

जनमाल का घाटा बना है

दुनिया का एक भी कोनोफैशन वह स्थिर है। यह भी बड़ा हुआ है. हाइट को क्वादरत के कहर के रूप में जाना जाता है। निम्नलिखित का पालन करें:

डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट, “कुत के तांडव ने विश्व को आर्थिक सुधार किया है। ️ आपदाओं️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ अपनी रखता है।

1970 से 2019 के बीच दुनिया भर में आई 1 हजार एंट

WMO की रिपोर्ट 1970 से 2019 के बीच दुनिया भर में दुनिया भर में अलग-अलग तरह के 11 अलग-अलग लोग हैं। दुनिया भर में 266 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ। साथ ही में इन आपदाओं में करीब 20 लाख लोगों मौत हुई है। जिन लोगों के नंबरों ने उनका नंबर दर्ज किया है। इस तरह के प्रबंधन के लिए बेहतर है।

विचार के अनुसार 1970 से 1979 के बीच वार्ता से 358 करोड़ का घाटा, लेकिन 2010 से 2019 के बीच वार्ता की वैश्विक को 2797 करोड़ का था तूफान।

सबसे अच्छी बात यह है कि आज के लिए। 1970 से 1980 के बीच में संतुलित रखा गया है। 1990 से 1999 के बीच के जोड़ की संख्या में वृद्धि हुई है।

भारत को हो रहा तूफान तूफान से सबसे अधिक प्रभावित

भारत को तूफानी तूफान से हो रहा है। देश के 13 राज्य और केंद्र मध्य-स्तिकीय चक्रवाती तूफान से संबंधित हैं। 80 के बीच में तूफान आया। वर्ष 2018 और 2019 में.

रिपोर्ट ्रि 1970 से 2019 के बीच में 3454 आई हैं। मोटापा 9 लाख 75 हजार 622 लोग है और 87.66 मिलियन डॉलर का घाटा है।

यह भी आगे

संक्रमण का संचारः भारत में आने वाले दिनों में इसके भाइयों के लिए नमी की कमी होती है –

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