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Special Coincidence Of Worship Of Ganesh Ji On Wednesday 4th August 2021 Ganesh Aarti And Get Blessings From Ganesh Mantras

बुधवार पूजा: पंचांग के हिसाब से 04 अगस्त 2021, बृहस्पतिवार को सावन यानि श्रावण मास के कृष्ण की एकादशी तिथि है। एक तारीख की तारीख को एक बार चालू किया गया। सावन मास की कृष्‍णता को क्रियान्‍वित करने की एक तारीख को एक दिनांकित किया जाता है। कोशु गणेश और विष्णु विष्णु की पूजा का आयोजन हुआ।

गणेश पूजा का महत्व
गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। भगवान् ही गणेश जी को प्रथम होने का प्रभु भी प्राप्त होता है। गणेश जी बुद्धि के दाता हैं। गणेश जी की पूजा करने से पहले दूर हों। गणेश जी की पूजा से बीमारी आदि मुक्ति है। इसके गणेश जी को सभी प्रकार के दुखों का सामना करना पड़ता है। वातावरण से गणेश जी प्रसन्न होंगे।

मंत्र –

  • ॐ एकदंत विद्या धीमहे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदिध प्रचदित।।
  • ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिकोफ्त स्वाहा।
  • गं गणपतये नमः
  • ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मास्मान्य स्वाहा।

गणेश जी की आरती (गणेश जी की आरती)
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पापा महादेवा।।
एकदंत, दयावन्त, बंध्याचारी,
मैं सिन्दूर सोहे, मौस की आदत।
पान पेये, फूले प्रसाद और पेयारे मेवा,
लड्डूअन का भोजनालय, सन्त सेवा।। ..
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पापा महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बंझन को बेटा, निरधन को माया।
‘सूर’ श्यामा शरण, सप कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पापा महादेवा।
दीन की लाज, शंभु सुतकारी।
सुन को पूर्ण करो जय बलिहारी।

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