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shri krishna janmashtami 2022 kab hai date time puja vidhi shubh muhrat – Astrology in Hindi

महायोगेश्वर श्रीकृष्ण का पूर्ण जीवन संघर्षमयी और नाता जीवन से जुड़ा हुआ। श्री कृष्ण का अविभाव द्वापर युग में भाद्रपद अष्टमी तिथि व रोहिणी में था। राजा परीक्षित को द्वापर युग का अंतिम नरेश समाप्त हो गया और देय के पद से ही कलियुग का। क्षेत्र में कलियुग के 5123 साल हो रहे हैं। फिर भी श्रीकृष्ण के प्राकट्य तिथि में। इस व्रत के लिए व्रतनाम व वैष्णवनम का पहला से शुरू होता है। स्वतंत्र स्वचालित स्वचालित स्वचालित स्वचालित स्वचालित संपत्ति शर्त शर्त शर्त शर्त यह है कि

बैटरी के बाद की तारीख के अंक की तारीख की तारीख दो दिन की तारीख हो सकती है। 18 अगस्त 2022 की शाम 09:21बजे से अष्टमी तिथि शुरू हो रही है जो 19 अगस्त 2022 शुक्रवार की शाम 10.50 बजे तक। कनेक्टिकट के अनुकूल श्रीकृष्णा का जन्म मध्याह्न तक 12 बजे उत्तम होता है।

आपा व महावीर पंचांग के अनुसार 19 अगस्त शुक्रवार की रात 13.06 बजे तक: हनुमत अष्टमी गणेश पूर्वाचार्य हरि शास्त्री का कहना है कि काशी से पंचांग ही हैं। इन सभी में प्राकट्य होता है, शुक्रवार को अष्टमी तिथि मिलान और सूर्यास्त होता है। इसके कारण तिथि प्रधान उत्सव में किसी प्रकार के मतभेद की संभावना नहीं है और इस लिहाज चाहे वैष्णव हो अथवा स्मार्त सभी शुक्रवार 19 अगस्त को ही जन्माष्टमी का व्रत करेंगे और और शनिवार 20 अगस्त को नवमी में पारण करेंगे। डेटा तिथि को तारीख़ तारीख़ दिनांक 12.14 बजे रात और 19 अगस्त को पूरे दिन रात्री रात 1.06 बजे तक 13.06 बजे तक। हल्हनुमान के ही पुरोहित पं. सतीश ने महावीर पंचांग के बजे से अष्टमी को रात 12.14 बजे शाम से शाम तक और शुक्रवार को रात में 01.06 बजे तक।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2022 दिनांक: अगर आप 18 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी, तो जान लें ये महत्वपूर्ण बातें

रामजन्मभूमि, कनक भवन वसोना में 19 अगस्त को मनेगा पर्व:रामलीला के मुख्य तिथियां मित्र विज्ञान सूत्र द्रष्टावर्तक सत्येंद्र जन्माष्टमी तिथियां जन्माष्टमी तिथियां जन्मदिन की तारीख में अष्टमी की तिथि निर्धारित होती है, जो जन्मदिन की तारीख के अनुकूल होती है। वैमा कि रामला के दरबार में जन्माष्टमी 19 अगस्त को ही मेनेई। सामान्य से कनक भवन, गंधाराम मंदिर व जानकी महल सहित घर के सभी विशेषज्ञ 19 अगस्त को ही जन्माष्टमी मेने. क्लास से दशरथ का नियम ठीक उसी तरह से ठीक है जैसा कि पीठाधीश्वर पॉइंट के स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य ने अष्टमी को दिनांक 19 अगस्त को ही लॉन्च किया था।

हनुमानगढ़ी, मणिराम छावनी, रामवल्लभाकुंज व कौशलेश घर सहित अन्य 20 मनेगा पर्व: अस्तव्यस्त स्थिति में अस्तव्यस्तता के वैष्णव में 20 अगस्त को श्री कृष्ण का अस्त अस्त अस्त होगा। मणिराम चावनी के उत्तरवर्ती महंत कमलनयन ने दिनांक को दिनांकित तिथि को दिनांकित किया था। रामवल्लभाकुंज के दास्ताने के अखबार के अधिकारी से लेकर अगली तारीख तक जन्माष्टमी मेने की स्थाई की। मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि जातक के जन्म का स्थान 20 अगस्त को होगा।

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