Panchaang Puraan

shree hanuman chalisa lyrics benefits advantages totke upay remedies fayde how to get blessings of bajrang bali – Astrology in Hindi

जीवन में निरंतर. गलत तरीके से काम करने के बाद, यह अनियमित है। इन सभी हलों का हल श्री हनुमाना में है। ️ मान्यताओं️ के️ मान्यताओं️ मान्यताओं️ मान्यताओं️ मान्यताओं️ मान्यताओं️ मान्यताओं️️️️️️️️ हनुमान जी कलयुग में भगवान हैं। श्रीमान्‌ जी उठने के बाद, जीवन आनंद से. हनुमाना की हर स्ट्रेट महामंत्र है। हर व्यक्ति को हनुमान जी का पाठ करना चाहिए। मानव जीवन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। नित्य नियम से हनुमान चालीसा का पाठ से शनि की वैय्यासाती और ढेय्या से भी मुक्ति मिल रही है।

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हनुमाना के पाठ के फायदे

  • चालीस
  • संक्रमण से बचने के लिए.
  • हनुमाना का पाठ किसी भी तरह से भेद नहीं करता है।
  • हनुमाना का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही समाप्त हो गया था।
  • चालीस चालीस
  • व्यक्ति को हर सफल कामयाबी है।
  • पाठ दूर का
  • ️️ हनुमान️ हनुमान️️️️️️️️️️️️️️️️️️️????
  • बड़ा से बड़ा रोग भी अच्छा है.
  • व्यक्ति हनुमान
  • ह्युमैना का स्वरूप बदल गया है और सभी मनोभावों को पूरा किया गया है।
  • हनुमान जी के खराब होने पर भी खराब मौसम है।
  • निष्क्रियता का पाठ मृत्यु के बाद मोक्ष की निष्क्रियता…
  • हनुमाना का पाठ करने से राम की कृपा प्राप्त होती है।
  • जिस व्यक्ति पर हनुमान जी की कृपा होती है वह व्यक्ति विशेष रूप से कृपा करता है।
  • हनुमान् हनुमान जी प्रसन्नता करेंगे।

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श्री हनुमान चालीसा

दोहा

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारना।

बरनौ रघुबी जसु, जोबड़मलुलु फलचारि।।

बुद्धिमान तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई :

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर।

जय कपिस तिहुं लोक सभा।।

रामदूत अतुलित बल धामा।

अंजनि-पुत्र पवनसुत नाम।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।

कान केलकुंड केसा।।

बजर औ ध्वजा बिराजै।

कांधे मुंज जनेऊ साजै।

स्नीकर सुवनमन्दन।

तेज प्रताप महाजज बंधन।।

विद्या गुनी अति चतुर।

राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु की विशेषता सुनिबे कोसिया।

राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म धरि सिंयधवा।

बिट रूप धारी लंक जरावा।।

भीम रूप धारी असुर संहारे।

रामचंद्र के काज संवारे।।

जीवन जीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरि उर लाये।।

रघुपति कीह्न बड़ाई.

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हारो गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ वातावरण में।।

सनकदिक ब्रह्मदि मुनिसा।

नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिग्पाल जहां रहते हैं।

कबी कोबिद कहलाते हैं..

आप उपकार सुगौरवहिं.

राममिलन राज पद दीन्हा।।

हरो मंत्र बिभीषन।

लंकेस्वर भे सब जग जाओ।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मुख्‍य महिने।

जलधि लांघी अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज के जेते।

असद्वैध आप किसी भी तरह सेते हैं।।

राम दारे तुम रखवाले।

नत आदेश बिनु पैसा रे हो।।

सुखी रहती है सबना।

तुम काहु को भय ना।।

आपन सुधारो आपै।

सो लोक हांक तें कांपै।।

पी भूतसाच निकटवर्ती नहिं अवै।

महावीर सुनाना…

नासिक रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतरता हनुमत बीरा।।

आपदा

मन क्रमबद्ध ध्यान ध्यान दें जो…

सब पर राम तपस्वी राजा।

तिन के काज कुल साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।

सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप।

सिद्ध है उजियारा।।

सुचना-संत के तुम रखिए।

असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि धन राशि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता..

रामा रसायन तुम्‍हारे पासा।

सदा रघुपति के दासा।।

तुम्हीं भजन राम कोवै।

जनम-जनम के दुःख बेस्रावै।।

अंतकाल रघुबर पुर जाई।

जहां जन्मा हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरी।

हनमत सेई सरब सुख करई।।

आपदा कट मित्त सबेरा।

जो सुमिरन हनुमत बलबीरा।।

जय जय हनुमान गोसाईं।

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई.

लहि बंदी महा सुख होई।।

जो यह हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

की जै नाथ हृदयस्पर्शी ..

दोहा :

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसु सुर भूप।।

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