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shradh 2022 pitru paksha how to do shradh niyam rules and regulations

पितृपक्ष के प्रति लगाव अर्पण के निमित्त पितृपक्ष शुरू हो गए। 15 संतुष्ट होने के लिए उपयुक्त हैं। उनth-ktaut kant से ryr rurखकir k-समृद समृद समृद समृद समृद समृद समृद समृद समृद समृद-समृद पितृपक्ष के तहत पहले दिन जिन लोगों के परिजनों की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी उनकी श्राद्ध की गई।

संगम में पिंडदान, तर्पण के लिए देश-विदेश से आने वाले हैं। न्यास पुरोहितों के न्यास मेघ युग्म गंगा-यमुना के आँवों से आए लोगों ने प्रोहितों के सानिध्य में पितृों के निमित्त तर्पण किया। कर्मचारी को प्रतिपदा की श्राद्ध।

श्राद्ध के नियम

उत्थान स्तित के पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के पितृ पक्ष में श्राद्ध के नियम हैं। पितृपक्ष में किसी का निरादर न करें। तुम्हें चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन-पोषण करने वाला व्यक्ति। सात्विक भोजन करना। बस खाना चाहिए। जो पिंडदान के लिए न्यास नहीं कर सकते हैं वे घर में ही तर्पण कर सकते हैं। तिलांजलि में पूरी तरह से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ब्राम्हणों को रखना चाहिए।

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गौ, चूहे, कौआ के लिए गैर-जरूरी है

स्नान के बाद श्राद्ध का विवरण आवश्यक है। देव स्थान व स्थान स्थान पर को गो के गोबर से लीपाकर गंगाजल स्क्वीकिंग चाहिए। तालिका तिल कुश मंत्रों का उच्चारण ‌‌‌‌‌ अर्घ्य डालना चाहिए। पित्तर के निमि गो का दूध, दही, दूध का स्वाद आवश्यक है। गौ, चूहे, कौआ, विषाक्तता के लिए ग्रसित। ब्राहमणों को अदरपरो क्रिया करना। वस्त्र और दक्षिण-सुंदर व्यवस्था।

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