Crime

Shraddha murder case Delhi Police will seek Aftab custody again because no strong evidence found

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श्रद्धा हत्याकांड का आफताब दिल्ली पुलिस को अपने बयानों में उलझाने की कोशिश कर रहा है। वह लगातार अपने बयान बदल रहे हैं। आफताब की इन शातिरों के कारण पुलिस की छानबीन पूरी नहीं हो पा रही है। अब जब आफताब की जमानत की अवधि मंगलवार को समाप्त हो रही है तो दिल्ली पुलिस की कोशिश होगी कि वह की अदालत से आफताब की अदालत की अवधि बढ़ाए जाने की अपील करे ताकि मामले की जांच को एक निष्कर्ष तक पहुंच सके। सहज हो कि साकेत कोर्ट ने गुरुवार को दूसरी बार आफताब को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग करने वाली पुलिस
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दस दिन की पूछताछ में पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे श्रद्धा की हत्या के आरोप में आफताब को आसानी से उसके आरोपों की सजा दी जा सके। अभी तक आफताब का नार्को टेस्ट भी नहीं पाया गया है। इन बातों को देखते हुए दिल्ली पुलिस मंगलवार को भी अदालत आफताब की हिरासत की अवधि बरकरार रखने वाले अधिकारी।

इसलिए नार्को परीक्षण
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नार्को टेस्ट में कुछ तकनीकी प्रक्रिया के चलते आफताब का यह ट्रायल सोमवार को नहीं हो सका। रोहिणी स्थित फारेंसिंक साइंस लैब के फारेंसिक साइकोलोजी विभाग के प्रमुख पी. पुरी ने बताया कि नार्को टेस्ट से पहले पालीग्राफ टेस्ट गैर जिम्मेदाराना है। इसके माध्यम से घबराहट की शारीरिक एवं मानसिक मनोस्थिति की जानकारी हो जाती है। इसके लिए भी न्यायालय और निर्णय की सहमति होती है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने साकेत कोर्ट में सिर्फ नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया था।

साकेत कोर्ट ने दीपालीग्राफ टेस्ट पर सहमति
सोमवार को साकेत कोर्ट के सामने आफताब नेपालीग्राफ ने जांच पर सहमति दी। अब मंगलवार को आफताब का पालीग्राफ टेस्ट जांच करेगा। एफएसएल के अधिकारी ने बताया कि इसी पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में दस दिन का समय लगता है। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि नार्को टेस्ट सिर्फ सोमवार को ही किया जाता है। अन्य दिनों में नार्को टेस्ट सिर्फ विशेष रूप से चलाया जाता है जिसके लिए कोर्ट के आदेश की आवश्यकता होती है। ऐसे में जल्द ही नार्को टेस्ट होने की उम्मीद कम है।

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