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shani pradosh vrat upay puja vidhi tips remedies bhagwan ganesh shiv ji mata parvati aarti lyrics in hindi – Astrology in Hindi – Shani Pradosh Vrat : प्रदोष व्रत के दिन जरूर करें ये उपाय, दुख

शनि प्रदोष व्रत : 4 फरवरी, 2021, शनि प्रदोष व्रत है। सूर्य को नमस्कार प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अधिक महत्व है. पावन दिन विधि- विधान से गणेश, शिव और माता पार्वती की पूजा- इस देश की व्यवस्था है। प्रदोष व्रत के दिन गणेश, शिव और माता पार्वती की आरती जरूर करें। आगे आगे बढ़ें, गणेश, शिव और माता पार्वती की आरती…

  • गोकू गणेश की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पापा महादेवा।।

एकदंत, दयावन्त, बंध्याचारी,
मैं सिन्दूर सोहे, मौस की आदत।
पान पेये, फूले प्रसाद और प्रसादी मेवा,
लड्डूअन का भोजनालय, सन्त सेवा।। ..
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पापा महादेवा।।

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बंझन को बेटा, निरधन को माया।
‘सूर’ श्यामा शरण, सप कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पापा महादेवा।

दीन की लाज, शंभु सुतकारी।
सुन को पूर्ण करो जय बलिहारी।

मीन से मीन मीन राशि तक, शनि प्रदोष व्रत के दिन सभी राशियों का हाल

  • गोकू शिव की आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्म, विष्णु, सदाशिव, गंगा धारा॥
जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुर्दशी पंचानन राजे।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे
जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
जय शिव ओंकारा॥

वनमाला मुण्डमाला वारी.
कंसरी कंसारी कर मलिकारी॥
जय शिव ओंकारा॥

श्वेता अक्टूबर, बाघ अक्टूबर अंगे।
सनकदिक गरुणादिक भूतियादिक संगे
जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखी दुखहारी जगपालन फसली
जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्म सदाशिव जनत अववेका।
मधु- दोभ दोउ, सुरभयभय करे॥
जय शिव ओंकारा॥

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती गणेशांगी, शिवलहरी
जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर के खाने, भस्मी में वासा
जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन मलिका।
शेषनाग लेपवत, ओढ़त मृगछाला॥
जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नंदी ब्रह्मचारी।
नित उठी दर्शन पावत, महिमा अति महान॥
जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुण स्वामी जी की आरती जो कोइनार गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
जय शिव ओंकारा॥

  • माता पार्वती की आरती

जय पार्वती माता जय पार्वती माता

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्रता

जग जगदंबा हरिहर गुण गाता।

सितंबर

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सिंह को वाहन साजे के लिए

देव वधू जं गावत डांस कर रहा था।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती

हेमंचल घरी रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुंभ निशंभ विदारे हेमां स्याता

सहस बंता तनु धनी चक्रीय पत्ती तालिका।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी लांघी मदमाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित्र को

गावत दे दे ताली मन में रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी सुखी रहने वाले लोग पाए जाते हैं।

जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

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