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डेट्स तिथि के अनुसार, देव का जन्म तिथि तिथि है। इस दिन विधि- व्यवस्था से शनिदेव की पूजा- कृप्या. इस साल 10 नवंबर को शनिदेव का जन्म तिथि अलार्म बज रहा था। शनि के दैहिक से हर कोई बात करता है। ️️ शनि️️️️️️️️️️️️️ भविष्य के जीवन में एक बार स्थिति हर व्यक्ति को जरूर देखें। ऐसा माना जाता है भगवान राम को वनवास भी शनिदेव की वजह से ही हुआ था।

शनि चालीसा में है इस बात का वर्णन

  • राज मिलत बन रामहि दीन्हा। कैकेहूं की मति हरि लींहा।

शनि की रक्षा से माता कैकपति ने राम को वन विमान का विमान विमान राजा दशरथ से मुलित किया।

शनि जयंती 2021 : शनि पर इन पर विनाशकारी शनिदेव की कृपा, जानें क्या आप लोग इस सूची में शामिल हैं

रान के अंत के लिए महत्वपूर्ण था राम का वन

  • रान के अंत के लिए राम का वनवास जाना महत्वपूर्ण था। अगर यह स्वर्ग में स्थापित हुआ है तो यह स्थान पाता है।

संपूर्ण शनि चालीसा

दोहा :
जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुन विनय महराज।
करहुं कृपा हे सूर्य तनय, राहहु जन की लाज।।

चौपाई:
जयति-जयति शनिदेव दयाला।
करत सदा भक्तिन प्रतिपाला।१।
चारि बंत तन श्याम विराजै।
मै रट कुट इमेजिनेशन।।

परम विशाल भाला।
टेढ़ी भृकुटि विक्राला।।
कुण्डल श्रावण चमाचम चमकै।
ह मालमुल मुक्त मणिम दम।2।

कर में गदा त्रिशूल कुठारा।
पल विसरण अरिहिंदू संहारा।।
पिंगल कृष्णो श्वेत नन्दन।
यम किस्थ रंध्र दुःख भंजन।।

सौरि मंद शनी दश नामा।
भानुरा पूजहिं सब काम।।
जापर प्रभु प्रसन्नता जाहीं।
रंकहु अरब

पर्वतहुं तृण होई निहारत।
तृणहूं को पर्वत करि डारत।।
राज मिलत बन रामहि दीन्हा।
कैकेहुं की मति हरि लींहा।।

मृग कपट दृश्यमान।
मै जानकी पूरी तरह से…
लशशि शक्ति बैकीकरी डारा।
मची गायो दल में हाकारा।।

दियो की तरह कंचन लंका।
बजरंग वीर का डंसा।।

नृप विक्रम पर जब पग धारा।
शब्दमयूर मयूर ग्राहिराचारा।।
डर्कलखा लाग्यो चोर।
पायरिया डरवायो तोरी।।

महान दशा निकृष्ट दिखाओ।
तेलिहुं घर चलने वाले वायुयान…
विनय राग दीपक महंन्हो।
तो प्रसन्नता प्रभु ह्नै सुख दिन्हों।।

हरिश्चंद्रहुं नृप नारी बिकानी।
आपहुं घर घर पानी।।
ऑपरेशनल नल स्थिति स्थिति।
भूंजी

श्री शकंरहि गहो जबे।
पार्वती को सती।।
तनि बिलोकत ही करि रीसा।
नभउलि गयो गौरी सुत।।

पाण्डव पर हवस की दशा।
बची द्रोपदी होति उघारी।।
कैरव की भी गति गति मारी।
युद्ध महाभारत करी ..

सूर्य कहं मुख महं धरि.
ढीढी परी खोजे…
शेष देव लखी विनती लाई।
सूर्य को मुख ते टीवी

वाहन प्रभु के सात सुजाना।
गज गर्दभ मृग स्वाना।।
जम्बुक सिंह आदि नख धारी।
सो फल सत्य कहतवादी।।

गज वाहन लक्ष्मी घर आवैं।
हय ते सुखी खेती
गर्दभ करै बहु काजा।
सिंह सिद्धकर राज सोसाइटी।।

जज़्ब खराब कर रहा है।
मृग द अडच प्राण संहारै।।
जब आवं व्‍यवस्‍था
यतय भयभ्रंश।।

तैसा अँग्रेज़ी चरण यह नाम।
सुनहरा लोहार अरु तंबा।।
लोह चरण पर प्रभु आवैं।
पैसे बर्बाद करना।।

समता ताम्र शुभकारी।
गोल्डन सर्व सुखी मंगल ।।
जो शनि वैशिष्ट्य नित गावै।
कबाहुं दशा निकृष्ट सतवै।।

अविश्वसनीय नाथ चालं लीला।
करन शत्रु के नशि बल बल।।
जो पंडित सुयोग्यता.
विधि शनि ग्रह ग्रह।।

पीपल जल शनि-दिवस मौसमत।
दीप दिवस द्वि बहु सुख पावट।।
कहत राम सुन्दर दासा।
सन सुमिरत सुख प्रकाश प्रकाशा।।

दोहा :
प्रतिमा श्री शनिदेव की, लोहा धातु बनवाया।
प्रेम सहित अडच करै, अघूर्ण कटि जाय।।
चालीसा नित नेम यह, कहलती सुनहरी धारि ध्यान।
निग्रह सुखदायक हनै, पावव्ं नार सम्मान।।

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