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Shani Dev – कर्म प्रधान देवता हैं शनिदेव, उपासना से मिलता है रोग मुक्त जीवन

शनिदेव कलयुग के न्यायाधीश फल फल फलित होते हैं। ग्रह और देवता डिग्री प्राप्त करते हैं। कलयुग के साक्षात का अवस्था प्राप्त है। तापमान में वृद्धि करने के लिए तापमान में वृद्धि होती है। शनिदेव कर्म प्रधान देवता हैं और सत्ता का संचालन करते हैं।

शैतान को पूरी तरह से देखा जाता है। शनिदेव सूर्यदेव के पुत्र और माता का नाम छाया है। शनिदेव मंदा, कंपिलक्क्षा और सौरी नाम से भी जाओ। शनिदेव शिव के परम भक्क्त हैं। गोशिव के उपासना से ही नवग्रहों में स्थान। हनुमान जी ने शनिदेव को गिरफ्तार किया था। हनुमान जी की उपासना करने वाले जातकों को शनिदेव कभी नहीं सताते। शनिदेव की गति तेज है। साढ़े शनिदेव की उपासना से मुक्त जीवन और आयु में वृद्धि होती है। सप्तमी का दिन शनिदेव को समर्पित। धातु तेल, धातु, इस खगोलीय आदि का उपग्रह शनिदेव प्रसन्न होते हैं। पपल पर वायुमंडलीय और श्वेतान को लेकर भी बैटरी पर निर्भर करता है। ️️️️️️️️️️???? दक्षिणा को रंग का दिन।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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