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Sawan 2nd somwar puja vidhi shubh muhrat samagri list – Astrology in Hindi – Sawan Somwar: कल है सावन का दूसरा सोमवार, नोट कर लें पूजा

सावन सोमवार: सावन की स्थापना 14 जुलाई से हो रही है। सावन का मंतव्य शंकर को विश्वास है। इस जानकारी में विधि- व्यवस्था से शंकर की पूजा- ️️️️️️️️️️ सावन के माथे का अधिक महत्व है। शंकर शंकर का सिरदर्द होता है। कल 25 जुलाई को सावन का मस्तक। इस पवित्र शिव की पूजा का विशेष महत्व है। मोन हेन सावन के प्रथम पूजा-विधि, महत्व और सामग्री की सूची…

आगे पढ़ें- सावन प्रदोष व्रत 2022: सोम प्रदोष व्रत कल, नोट करें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

पूजा-विधि

  • सुबह उठने के बाद और बार फिर से साफ करें।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • सभी देवी- गंगा जल से प्रार्थना करें।
  • शिवलिंग में गंगा जल और दुधारुएं।
  • शिव को सूचित करें।
  • जकू शिव को समाचार पत्र।
  • गो शिव की आरती और भोग भी। इस बात का भी ध्यान रखें कि सात सात्विक सम्भोग का भोग भोग्य हों।
  • गो शिव का अधिक से अधिक ध्यान दें।

सावन व्रत का महत्व-

  • सावन के मस्तूल का महत्व अधिक है। मंगल का व्यक्ति शिव को सम्मान है। मंगल का व्रत करने से संबंधित शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन के गोष्ठी शिव को अतिप्रिय है, .

शुभ मुहूर्त-

शुभ मुहूर्त अभिजीत : 12:19 – 13:10

अमृत ​​कालम्: कोई नहीं

घुड़सवार मुहूर्त गुलिक काल: 14:22 – 15:59

यमगंद : 11:07 – 12:44

दूर मुहूर्तम् : 01:49 – 01:51 01:55 – 01:57

व्रज्यम काल : कोई नहीं

राहू काल: 07:53 – 09:30

सामग्री की सूची- पंचम फल मेवा, रत्न, बलि, दक्षिण, जल के पंच, कु शासन, दही, शुद्ध मौली, गंगा, पवित्र, पंच रस, जन, गंध रोली, बिलाव , धरा, भांग, बेर, मंजरी, चाव बालें, तुलसी दल, मंदार पुष्प, गौ का दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रुई, मलयाबरी, चंदन, शिव व माता पार्वती की उत्पाद की सामग्री आदि। ।

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