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sawan 2022 pradosh vrat date time shubh muhurat puja vidhi importance significance and samagri ki puri list – Astrology in Hindi – Sawan Pradosh Vrat 2022 : सावन में कब- कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें डेट, महत्व, पूजा

सावन प्रदोष व्रत 2022 : सावन का मंथ भोले शंकर को समर्पण है। माह में भोले शंकर की विधि- व्यवस्था से व्यवस्था- इस देश की व्यवस्था है। माह में दो बार प्रदोष व्रत है। एक कृष में और एक शुक्ल में। साल में कुल 24 प्रदोष विषैला हैं। प्रदोष व्रत भी शंकर को ही समर्पण हैं। सावन के मान में प्रिय प्रदोष व्रत का महत्व अधिक है. श्वास प्रदोष व्रत, महत्व, पूजा-विधि और सामग्री की सूची….

सावन माह में प्रदोष व्रत-

  • कृष्ण में खराब प्रदोष व्रत 25 नवंबर को। 25 नवंबर को इस प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।

मुहूर्त

  • श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी – 04:15 पी एम, नवंबर 25

  • श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी फाइनल – 06:46 पी एम, नवंबर 26

  • प्रदोष काल- 07:17 पी एम से 09:21 पी एम

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शुक्ल्स का प्रदोष व्रत-

शुक्ल में खराब होने वाला प्रदोष व्रत 9 अगस्त को है। 9 अगस्त अगस्त में, इस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत के नाम से।

मुहूर्त-

  • श्रावण, शुक्ल त्रयोदशी – 05:45 पी एम, अगस्त 09
  • श्रावण, शुक्ल त्रयोदशी फाइनल – 02:15 पी एम, अगस्त 10
  • प्रदोष काल- 07:06 पी एम से 09:14 पी एम

प्रदोष काल-

  • प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में ही विशेष महत्व है। प्रदोष काल सूर्य सूर्य के प्रकाश में 45 मिनट पहले शुरू होता है। ऐसा कहा जाता है कि प्रदोष काल में शिव की पूजा से शुभा की बैठक होती है।

प्रदोष व्रत का महत्व

  • कामयाबी के मामले के सात दिन के प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है।
  • प्रदोष व्रत करने से प्रजनन की प्रक्रिया में ऐसा होता है।
  • इस खेल को खेलने से भी फायदा हुआ है.
  • इस व्रत को करने वाले को शंकर और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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प्रदोष व्रत पूजा-विधि

  • जल्दबाजी में उठायें उठायें।
  • धोने के बाद साफ कपड़े पहने।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • अगर हम व्रत करते हैं।
  • भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • भोलेनाथ को सूचित करें।
  • भगवान गणेश की पूजा भी करें। गणेश की पूजा की व्यवस्था किसी भी शुभ कार्य से की जाती है।
  • गोशिव को भोग भोज। इस बात का पूरा-पूरा अच्छाई का भोग का भोग.
  • गो शिव की आरती करें।
  • इस व्यक्ति का अधिक से अधिक ध्यान दें।

प्रदोष व्रत पूजा सामग्री

  • अबीर
  • गुलाल
  • चांदनी
  • अक्षत
  • फूल
  • धतूरा
  • बिलावपत्र
  • जनेऊ
  • कलावा
  • दीपक
  • कूपर
  • अगरबत्ती
  • फली

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