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संपीड़न और विरलन क्या है? परिभाषा, उदाहरण और उपयोग

What is compression and rarefaction? Definition, Examples and Uses

दोस्तों, प्रकृति काफी विचित्र है और ध्वनि का प्रकृति में एक महत्वपूर्ण योगदान है। आज के समय अनेक वैज्ञानिक ध्वनि के पीछे का विज्ञान समझने में लगे हैं और कुछ महान वैज्ञानिकों ने ध्वनि के संबंध में काफी विचारात्मक सिद्धांत दिए हैं जिन पर आज भी शोध किया जा रहा है। उनमें से एक तथ्य संपीड़न और विरलन का है। क्या आप जानते हैं कि संपीड़न और विरलन क्या है तथा इनके तथ्य क्या है? व संपीड़न और विरलन का उपयोग क्या है? यदि आप नहीं जानते तो कोई बात नहीं। आज हम आपको बताएंगे कि संपीड़न और विरलन क्या है, तथा संपीड़न और विरलन में अंतर क्या होता है। तो चलिए शुरू करते हैं और संपीड़न और विरलन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं-

संपीड़न और विरलन क्या है? | Sampeedan Aur Viralan kya hota ha?

संपीड़न और विलन एक प्रकार से ध्वनि तरंगों से पूर्ण रूप से संबंधित है। अब हम इसे एक प्रत्यक्ष उदाहरण से समझ सकते हैं, कि संपीड़न और विरलन क्या है। जब भी कभी कोई ध्वनि तरंग वायु मार्ग में अपनी यात्रा शुरू करती है, तब वह एक निश्चित दूरी तक जाते-जाते एक संभावित मार्ग तय करती है, और उस मार्ग में वह ध्वनि तरंग वायु मार्ग को अपना पथ बनाते हुए आगे बढ़ती है। क्योंकि ध्वनि तरंगे निर्वात (Space) में आगे नहीं बढ़ सकती है।

इसीलिए यदि किसी मुख्य बिंदु पर ध्वनि तरंग को महसूस किया जा सकता है तो ऐसा माना जाता है कि उस मुख्या बिंदु पर ध्वनि की तरंग के कारण वायु के कण एक मुख्य बिंदु पर एकत्रित हो गए हैं या इकट्ठा हो गए हैं, और उस मुख्या बिंदु पर अन्य स्थान की तुलना में वायु का घनत्व ज्यादा हो गया है और इसे वैज्ञानिक भाषा में संपीड़न कंप्रेस कहा जाता है। जब किसी मुख्य बिंदु से अलग होकर ध्वनि तरंग आगे बढ़ जाती है, तब ध्वनि तरंग के पथ में पीछे की ओर वायु के कणों में काफी स्पेस पैदा हो जाता है, जिसे विरलन कहा जाता है, और संपीड़न और विरलन की घटनाओं को हमारी त्वचा या सेंस के द्वारा महसूस किया जा सकता है।

संपीड़न और विरलन की परिभाषा

यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंगों को मूल रूप से संपीड़न तरंगे कहा जाता है, क्योंकि इन तरंगों के कारण वायु मार्ग में वायु के कारण आपस में इकट्ठा व दूर हो जाते हैं। जब वायु के कण अनुदैर्ध्य तरंगों की वजह से इकट्ठे हो जाते हैं तो इस प्रक्रिया को संपन्न कहा जाता है, और जब अनुदैर्ध्य तरंगों के कारण वायु के कारण एक दूसरे से असामान्य दूरी से दूर हो जाते हैं, तो उसे विरलन कहा जाता है।

Sampeedan Aur Viralan kya hota ha?

संपीड़न और विलन का उदाहरण

यदि आप संपीड़न और विरलन का उदाहरण समक्ष रूप से देखना चाहते हैं, तो आप अपने मोबाइल फोन के स्पीकर या टीवी के स्पीकर के पास अपना हाथ ले जा सकते हैं, और आपको महसूस होगा कि हवा के तेज कर आपके हाथों से टकरा रहे हैं, जिसके कारण आपको ध्वनि महसूस हो रही है। हवा के कण तेज़ी से आपके हाथों पर इसीलिए टकराते हैं क्योंकि ध्वनि अपनी तरंगों की शक्ति से वायु के कणों को सामान्य दूरी से कम दूरी(स्थान) पर स्थित कर देती है।

ध्वनि तरंगों के कारण वायु के कण सामान्य स्थिति से कम दूरी पर एकत्रित हो जाते हैं तब हमें वायु सघन लगने लगती है, जिसके कारण हमें यह प्रतीत होता है कि वायु हमारे हाथों को स्पर्श कर रही है। ऐसा ही स्पर्श हमें तब भी महसूस होता है जब वायु के तेज झोंके हमारे हाथों को स्पर्श करते हैं। इसे ही संपीड़न कहा जाता है, और संपीडन के पश्चात जब वायु के कण सामान्य स्थिति से अधिक दूर हो जाते हैं तो उस परिस्थिति को हम विरलन का नाम देते हैं। संपीड़न और विरलन के लिए उत्तरदाई ध्वनि तरंगों को हार्मोनिक ध्वनि तरंगे (Harmonic Sound Waves) भी कहा जाता है।

संपीड़न और विलेन के उपयोग

संपीड़न और विरलन के विभिन्न उपयोग निम्नलिखित हैं –

  • संपीडन और विलेन के सिद्धांतों के द्वारा आज के समय वैज्ञानिक अंतरिक्ष में ध्वनि तरंगों की शक्ति और उनके द्वारा पैदा किए गए संपीड़न से अपने उपग्रहों को बचाने का काम करती है।
  • संपीडन को किस प्रकार संभाला जा सकता है इस पर शोध किया जा रहा है।
  • वैज्ञानिक संपीड़न से संबंधित मशीनों का आविष्कार करके संपीडन को नियंत्रित करने का काम भी कर रही है।
  • हाइड्रोलिक उपकरणों में संपीड़न वायु की तुलना में अधिक कार्यरत होता है क्योंकि वायु के कण आमतौर पर खुले-खुले होते हैं जबकि इसकी तुलना में पानी के अणु अधिक सघन होते हैं, और पानी में संपीड़न एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने जाना कि संपीड़न और विरलन क्या है, इसके अलावा हमने आपको संपीड़न और विरलन से जुड़े हुए कई तथ्यों के बारे में जानकारी दी है। हम आशा करते हैं कि आप समझ चुके होंगे कि संपीड़न और जलन के क्या उपयोग होते हैं, तथा उनकी परिभाषा और उनका सिद्धांत क्या होता है यदि आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

FAQ

संपीड़न से क्या तात्पर्य है?

अनुदैर्ध्य तरंगों के ऐसे क्षेत्र जिनमें माध्यम के कण अपनी सामान्य स्थिति से अधिक निकट होते हैं, संपीडन कहलाते हैं। इन क्षेत्रों में माध्यम का घनत्व अधिक होता है और दबाव भी अधिक होता है।

संपीडन और विरलन में क्या अंतर है?

एक संपीड़न एक अनुदैर्ध्य तरंग में एक क्षेत्र है जहां कण एक साथ निकटतम होते हैं।रेयरफैक्शन एक अनुदैर्ध्य तरंग में एक क्षेत्र है जहां कण सबसे दूर होते हैं ।

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