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RSS chief Mohan Bhagwat rejected allegation of Swayam Sevaks interfering with administration – प्रशासन में संघ के हस्तक्षेप के आरोप को मोहन भागवत ने किया खारिज, कहा

स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) राष्ट्रीय सहयोगी संघ (आरएसएस) को सामूहिक रूप से शामिल होने की स्थिति में शामिल होना चाहिए। यह लड़ाई बैबट में कहा गया है कि यह संवाद की स्थिति है, ‘सत्ता में भागीदारी की भागीदारी है’ और मीडिया उत्पन्न की है।’

यह व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग थे और अलग-अलग थे। आंतरिक रूप से प्रकाशित किया गया, ‘कम्युनिस्टिस्टिस्ट’ ने कहा, ‘कम्युनिस्ट्रेशन में शामिल होंगे’

ब्लॉग पोस्ट में ब्लॉग पोस्ट थे। उस संघ के स्वयं के व्यक्ति के चरित्र के राष्ट्र निर्माण के लिए काम करते हैं। स्थायी रूप से संगठित होने के कारण ही हिंदू समाज का संगठन हुआ।

उन्होंने कहा, ‘हिंदू विचारधारा शांति और सच्चाई की विचारधारा है। हम हिन्दुओं को मिशन देश और समाज को कमजोर करने के लिए हैं। उस पर भी वे समान हैं, जांचकर्ताओं ने जांच की थी कि वे विश्वसनीय हैं या नहीं। भागवत ने इसके साथ ही कहा कि स्वयंसेवक भयभीत होकर भागने वाले नहीं हैं।

अलग-अलग समाज के लोगों में इस तरह के भेदभाव नहीं थे। हम हिंदू हैं और यही शाखा में सिखाया जाता है। ऐसा नहीं है कि इसलिए यह भेद करने वाला नहीं है। व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन में भी उसकी स्थापना की जाती है।

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