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राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है?

rashtrapati ka chunav kaun karta hai

दोस्तों, हमारा देश एक लोकतंत्र है और लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक महान पद पर बैठने वाला व्यक्ति किसी भी प्रकार से अलोकतांत्रिक पद्धति से नहीं बैठता है, उसका परंपरागत चुनाव किया जाता है। उसके पश्चात ही उसे एक महान पद पर बिठाया जाता है।

चाहे वह प्रधानमंत्री का पद हों, मुख्यमंत्री का पद हो, या फिर राष्ट्रपति का ही क्यों ना हो। अब आप सोच रहे होंगे कि राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है? (rashtrapati ka chunav kaise hota hai) तो चिंता मत कीजिए, आज के लिए हम आपको इसी के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध कराएंगे, और आपको बताएंगे कि राष्ट्रपति कौन होता है?

भारत का राष्ट्रपति कौन है? राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है? राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? इन सब के बारे में आपको सारी जानकारी देंगे। अंत में यह जान पाएंगे कि राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है। तो चलिए शुरू करते हैं –

राष्ट्रपति कौन होता है? | rashtrapati kon hota hai

दोस्तों, राष्ट्रपति भारत की अर्थात भारत गणराज्य के कार्यपालक अध्यक्ष होते हैं, जिसका मतलब यह है कि संघ के द्वारा किए जाने वाले सभी कार्य, राष्ट्रपति जी के नाम सही किए जाएंगे। राष्ट्रपति भारत का प्रथम नागरिक होता है, और यह भारत की लोकतंत्र में अपना अभिन्न योगदान देता है।

जो कार्य और शक्तियां राष्ट्रपति के अधिकार में होती है, वह शक्तियां किसी भी अन्य राजनेता या पदाधिकारी के पास नहीं होती है। एक राष्ट्रपति भारत की तीनों सेनाओं का सेनानायक होता है।

इसके पास युद्ध की घोषणा करने और शांति करने का अधिकार भी होता है। इसी के साथ संपूर्ण भारत में राष्ट्रपति शासन लगाने यह पता लगाने का अधिकार व शक्तिया भी राष्ट्रपति के पास होती है।

कार्यपालिका के सभी अधिकार राष्ट्रपति के पास होते हैं, लेकिन कुछ बातों पर राष्ट्रपति पद पर नहीं होता है, तो उसे परिस्थिति में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्री परिषद के द्वारा कई निर्णय किए जा सकते हैं।

भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल थी जो कि भारत की 12वीं राष्ट्रपति बनी थी, और भारत की 15वीं राष्ट्रपति श्रीमती महामहिम द्रोपति मुर्मू बनी है।

भारत का राष्ट्रपति कौन है? | bharat ka rashtrapati kon hai

आज के समय भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी है, जो पति मुर्मू भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति है। इन्होंने 25 जुलाई 2022 को अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी, इन्हें नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया गया था। इनके पूर्व अधिकारी अर्थात इनके पूर्व भारत के उपराष्ट्रपति का नाम श्री रामनाथ कोविंद जी था इनका संबंध भारतीय जनता पार्टी से है।

राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है? | rashtrapati ka chunav kaun karta hai

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rashtrapati ka chunav kaise hota hai

राष्ट्रपति का चुनाव भारत के लोकतांत्रिक सदन करते हैं। लोकतांत्रिक सदन के अंतर्गत भारत की लोकसभा राज्यसभा और राज्य विधायकों के अंतर्गत चुने गए सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव Proportional Representation के अंतर्गत एकल संक्रमणीय वोट / Single Transferable Vote करते हैं।

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि राष्ट्रपति का चुनाव कैसा होता है, तो आप हमारा यह लेख पढ़ सकते हैं। लेकिन अभी हम आपको यह बताएंगे कि राष्ट्रपति के चुनाव में कौन-कौन भागीदारी ले सकता है। भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में आज के समय Electoral Collage के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति का चुनाव होता है।

Electoral Collage के अंतर्गत भारत लोकतांत्रिक सदन के दोनों घर अर्थात लोकसभा और राज्यसभा के सांसद तथा देश की सभी राज्य की विधायिकाओं अर्थात विधानसभाओं के चुने गए सदस्य, इसी के साथ NCT दिल्ली के अंतर्गत चुने जाने वाले सभी विधायक, इसके साथ दिल्ली और पुडुचेरी के विधायक इस चुनाव में भाग लेते हैं।

इसके बारे में भारत के संविधान के अनुच्छेद 54 में विस्तार से जानकारी दी गई है।

भारत के राष्ट्रपति की शक्तियां भारत के राष्ट्रपति के कार्य

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भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? | rashtrapati ka chunav kaise hota hai

भारत के राष्ट्रपति की शक्तियों के अंतर्गत सबसे पहले कुछ न्यायिक शक्तियां आती है, जिनके अंतर्गत

1. राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद 72 के अंतर्गत कुछ न्यायिक शक्तियां मिलती है, जो कि उन्मूलन, क्षमा, आहरण, परीहरण और परिवर्तन की क्षमता देती है।

2. यदि राष्ट्रपति चाहे (मंत्रिपरिषद की सलाह पर / अपने आप से नहीं) तो किसी भी मुजरिम को दी जाने वाली कठिन से कठिन सजाओ को माफ कर सकता है।

3. यदि किसी को फांसी की सजा या उम्रकैद की सजा भी मिली है तो राष्ट्रपति उन्हें क्षमादान दे सकता है।

4. यदि राष्ट्रपति चाहे (मंत्रिपरिषद की सलाह पर / अपने आप से नहीं) तो लघुपरण शक्तियों का उपयोग करके किसी भी कठोर दंड को सामान्य कारावास के अंतर्गत बदल सकता है।

5. इसके अलावा यदि राष्ट्रपति चाहे (मंत्रिपरिषद की सलाह पर / अपने आप से नहीं) तो किसी भी मुजरिम के दंड की अवधि को कम कर सकते हैं, जिसमें दंड की प्रकृति बदली नहीं जाती, लेकिन उसकी अवधि कम हो जाती है।

6. कुछ विशेष आधारों पर राष्ट्रपति मुजरिम की दंड अवधि में विराम भी रह सकता है। अर्थात जितनी सजा मुजरिम को मिली है वह काफी है, इसके पश्चात उसे रिहा किया जा सकता है।

7. इसके अलावा भारत के राष्ट्रपति के पास दंड के प्रविलंबन की क्षमता भी होती है।

8. यानी कि किसी मुजरिम को यदि किसी निश्चित समय सीमा में दंड देना है तो यह दंड उसी समय सीमा के पश्चात भी दिया जा सकता है। वह समय सीमा को आगे बढ़ाने का काम प्रविलंबन कहलाता है।

9. इन सबके अलावा राष्ट्रपति के पास पूर्ण वीटो शक्तियां होती है, निलंबवकारी वीटो शक्तियां और पॉकेट वीटो की क्षमता भी होती है।

10. राष्ट्रपति के पास विधाई शक्तियां भी होती हैं, जिनके अंतर्गत वह लोकसभा को विघटित करने की क्षमता रखता है।

11. यदि कोई ऐसा बिल, जिसे लोकसभा और राज्यसभा के द्वारा पास किया जा चुका है, राष्ट्रपति के पस सहमती के लिए जाता है और राष्ट्रपति दस्तखत नहीं करते हैं, तो वह बिल कानून की शक्ल में नहीं आता है। राष्ट्रपति चाहे तो ऐसे बिल पर हस्ताक्षर करने से मना कर सकते है (इसके लिए मंत्रिपरिषद को कारण बताना आवश्यक है।)

12. लेकिन कुछ मामलों में राष्ट्रपति को दस्तख़त करने ही होते हैं।

13. राष्ट्रपति राज्यसभा के 12 सदस्यों को नामित कर सकता है, अर्थात नोमिनेट कर सकता है।

14. यदि पार्लियामेंट के द्वारा पास किया गया बिल मनी बिल यां कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल नहीं है तो उस बिल को राष्ट्रपति वापस से रिवीजन करने के लिए पार्लियामेंट को भेज सकता है।

15. भारत के राष्ट्रपति के पास तीनों सेनाओं के सेनानायक होने का गौरव भी होता है।

16. राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा ही की जाती है।

17. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

18. यदि किसी राज्य की सरकार भारत के संविधान के कानून के अंतर्गत कार्य नहीं करती है, तो राज्यपाल राष्ट्रपति को इसके बारे में जानकारी देता है, और केंद्रीय मंत्री परिषद जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, उनसे विचार विमर्श के पश्चात राष्ट्रपति उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं।

19. IAS, IPS, IFS जैसे महानतम ब्यूरोक्रेट्स (नौकरशाहों) की नियुक्ति और उनके पदाधिकारियों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा ही की जाती है।

20. राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है, और प्रधानमंत्री के साथ-साथ पूरे केंद्रीय मंत्री परिषद की नियुक्ति भी करता है।

निष्कर्ष

दोस्तों, आज के लेख में हमने आपको बताया कि राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है? (rashtrapati ka chunav kaise kiya jata hai)। इसके अलावा राष्ट्रपति के बारे में हमने आपको और भी कई प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जो आपके लिए जाना आवश्यक है।

हम आशा करते हैं कि आज का हमारा यह लेख पढ़ने के पश्चात आप समझ गए कि राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है। जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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