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Rabindranath Tagore Death Anniversary 2021: Some Inspirational Quotes By Gurudev

रवींद्रनाथ टैगोर प्रेरणादायक उद्धरण: रवींद्रनाथ टैग के टैग्स के प्रभाव से देश का हर बच्चा बच्चे को हराने में सक्षम होता है। गान ‘जन गण मन अधिनायक’ के चकयता रवींद्रनाथ टैगोर की आज 80वीं राष्ट्र स्थापना है। ७ अगस्त १९४१ को इस समूह में शामिल किया गया। वह एक बहुविज्ञापन की स्थिति के मालिक थे। टैगोर ने कविता, साहित्य, दर्शन, नाटक, संगीत और चित्र विधाओं में अंतर्दृष्टि।

टैगोर, गांधी का चित्र सम्मान । … टैगोर का दृष्टिकोण अधिक था। टैगोर ने गांधी की उपाधि दी थी और गांधीजी ने रविंद्रनाथ को ‘गुरुदेव’ की डिग्री दी थी।

रवींद्रनाथ टैगोर की अनिश्चित बातें

  • किसी भी ज्ञान को अपने ज्ञान को शामिल किया गया है।
  • मृत्यु को लाइट करना है; ये दूर होने पर दीपक बुझाना है।
  • प्रकृति का प्रकृति प्रिय है: वह मालिक भी है।
  • नहाने के लिए सक्षम करें I
  • यह अधिकार दावा करता है।
  • हम दुनिया में हैं जब हम दुनिया से प्रेम करते हैं।
  • यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे तो सच बाहर रह जायेगा।
  • हम ठीक हैं।
  • फूल की को पूरी तरह से टूट जाता है।
  • दृश्य देखा कि जीवन आनंद है। मैं जागा और कि जीवन सेवा है। सेवा की और फीट कि सेवा में ही आनंदमय है।

रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोटा में हुआ था। 13 भाई को सूक्ष्म किया गया। उनके बचपन से ही खतरनाक शौक़ीन है। आठ साल की आयु में ब्रह्मांड की रचनाएं शुरू हुई थीं। आगे चलकर टैगोर देश के महान कवि, नाटककार, एक चित्रकार, मूर्तिकार बने।

1980 के अनुसार गलत तरीके से लिखे गए दस्तावेज़ों के साथ-साथ गलत तरीके से प्रकाशित भी किया जाएगा। रदर्दीनाथ को टैगोर होने में ही लगाया गया था। उनकी रचनाओं की वजह से उन्हें हर कोई जानने लगा था। अपनी रचनाओं के जरिए टैगोर ने समाज के गलत रीति रिवाजों और कुरीतियों के बारे में लोगों को जागरुक भी किया।

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