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Puri Rath Yatra 2022: Jagannath Rath Yatra starts from July 1 do you know 10 special things related to it – Astrology in Hindi

जगन्नाथ रथ यात्रा 2022 1 जुलाई से शुरू: हिंदू पंचांग के आकार, हर साला मास की तिथि को समाप्त होने के बाद रथ उत्सव का प्रारंभ हो जाएगा। यात्रा का प्रारंभ 1 नवंबर से शुरू हो रहा है। पुरी में जगन्नाथ मंदिर से तीन सजे-धजे रथ हैं। रथ से यात्रा 10 बड़ी बातें-

1. पुरी में रथ यात्रा के लिए रथ यात्रा के लिए, भाई बलराम व बहिन सुभद्रा के लिए तीन अलग-अलग-अलग रथ बनाए गए हैं। रथ यात्रा में सबसे आगे बलराम जी का रथ, बीच में देवी सुभद्रा का रथ और रथ जगन्नाथ का।

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2. बलराम के रथ को ‘तालध्वज’ प्रश्न। लाल रंग लाल है। देवी सुभद्रा के रथ को ‘पद्म रथ’ या ‘दर्पदलन’ कहा जाता है, जो हेलो और लाल रंग का है। जगन्नाथ के रथ ‘गरुड़ध्वज’ या ‘नंदीघोष’, जो कि लाल और पीले हैं।

3. ‘दारु’ क्यू हैं। इस प्रकार जगन्नाथ मंदिर में एक विशिष्ट का निर्माण किया गया है।

4. रथ के निर्माण में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है।

5. रथों के लिए काष्ठों का चयन बसंत पंचमी से शुरू होता है और निर्माण अक्षय तृतीया से प्रारंभ होता है।

6. जगन्नाथ का रथ 45.6 है, बलराम जी का रथ 45 राइटर और देवी सुभद्रा का रथ 44.6 राइट फॉर फॉर।

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7. जब ये तीनों ‘छर कपड़े पहने’ नाम से शुरू होंगे। पुरी के पुरी के मालिक राजा की विधिवत पूजा करते हैं।

8. रथ जगन्नाथ मंदिर से पुरी पुरी नगर से गन्दी मंदिर है। जगन्नाथ, बलरामजी और सुभद्रा सात रीस्टार्ट हैं।

9. गुंडीचा भौम जगन्नाथ की घर है। देवशिल्पी विश्वकर्मा ने जगन्नाथ, भद्रा वदेवी सुभद्रा की प्रतिमाओं का निर्माण किया।

10.आषाढ़ मास के दसवें दिन सभी रथ से मुख्य मंदिर की ओर काम हैं। रथों की पुनरावर्तक को पुनरावर्तक (रथों) की पुनरावर्तक (रथों की पुनरावर्तक) अनेक बार यात्रा करती है।

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