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pradosh vrat 2022 march date time shubh muhrat puja vidhi – Astrology in Hindi – Pradosh Vrat : मार्च में कब

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अधिक महत्व है. त्रयोदशी तिथि तिथि तिथि तिथि तिथि निर्धारित है। माह में दो बार प्रदोष व्रत है। एक शुक्ल समूह में और एक कृंष में। साल में कुल 24 प्रदोष विषैला हैं। प्रदोष व्रत शंकर को समर्पण है। प्रदोष व्रत पर विधि- विधायिका से शंकर की पूजा-अर्चना करने वाले व्यक्ति के मनोभावों को पूरा करेंगे। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल का विशेष महत्व है। अक्टूबर माह में 2 प्रदोष व्रत दुघे होंगे। एक फाल्गुन माह के शुक्ल्स में और एक चैत्र माह के कृष्ण कृष्ण में। कामयाबी के मामले के सात दिन के प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। दुष्‍ट दिवस प्रेदोष व्रत…

फाल्गुन माह के शुक्ल का प्रदोष व्रत-

  • 15 मार्च, 2022, दिन को भौ भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।

मुहूर्त-

  • फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी – – 01:12 पी एम, मार्च 15
  • फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी फाइनल – 01:39 पी एम, मार्च 16
  • प्रदोष काल- 06:29 पी एम से 08:53 पी एम

एकादशी व्रत : अक्टूबर में शुभ मंगली और नोट मोचिनी एकादशी, मुहूर्त और पारणा का समय

चैत्र माह के कृष्ण का प्रदोष व्रत-

  • 29 मार्च, 2022, दिन को भौ भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।

मुहूर्त-

  • चैत, कृष्ण त्रयोदशीत्र – 02:38 पी म, 29 मार्च
  • चैत्र, कृष्ण त्रयोदशी फाइनल – 01:19 पी एम, 30 मार्च
  • प्रदोष काल – 06:37 पी एम से 08:57 पी एम

मार्च के नतीजों में आपके सामने इतना बड़ा है

प्रदोष व्रत पूजा-विधि

  • जल्दबाजी में उठायें उठायें।
  • धोने के बाद साफ कपड़े पहने।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • अगर हम व्रत करते हैं।
  • भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • भोलेनाथ को सूचित करें।
  • भगवान गणेश की पूजा भी करें। गणेश की पूजा की व्यवस्था किसी भी शुभ कार्य से की जाती है।
  • गोशिव को भोग भोज। इस बात का पूरा-सुखारा अच्छा है।
  • गो शिव की आरती करें।
  • इस व्यक्ति का अधिक से अधिक ध्यान दें।

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