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pradosh vrat 2021 july date time importance significance puja vidhi upay tips samagri full list – Astrology in Hindi – Pradosh Vrat 2021 : कब है प्रदोष व्रत, जानें डेट, पूजा

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अधिक महत्व है. प्रदोष व्रत शिव को समर्पण है। माह में दो बार प्रदोष व्रत है। एक कृष में और एक शुक्ल में। साल में कुल 24 प्रदोष विषैला हैं। त्रयोदशी तिथि तिथि तिथि तिथि निर्धारित है। इस दिन विधि- व्यवस्था से शंकर की पूजा- कृंतक। इस व्रत को करने वाले को शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। प्रदोष व्रत, पूजा-विधि, महत्व, शुभ मुहूर्त और सामग्री की सूची.

प्रदोष व्रत

  • 7 जुलाई, 2021, गुरुवार।

प्रदोष व्रत का महत्व

  • कामयाबी के मामले के सात दिन के प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है।
  • बुध प्रदोष व्रत करने की स्थिति में ऐसा होता है।
  • इस खेल को पकड़ने वाला खिलाड़ी इस खेल का लाभ उठा रहा है.

त्रयोदशी तिथि मुहूर्त

  • – 01:02 ए नवंबर, 07
  • समापन – 03:20 ए, नवंबर 08
  • प्रदोष काल-शाम 07:12 बजे से 9:20 बजे तक, नवंबर 7

प्रदोष काल की पूजा है ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️

  • प्रदोष व्रत की पूजा की जाती है। प्रदोष काल सूर्य सूर्य के प्रकाश में 45 मिनट पहले शुरू होता है।

प्रदोष व्रत पूजा-विधि

  • जल्दबाजी में उठा लें।
  • धोने के बाद साफ कपड़े पहने।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • अगर हम व्रत करते हैं।
  • भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • भोलेनाथ को सूचित करें।
  • भोलेनाथ के साथ इस माता पार्वती और गणेश की पूजा भी करें। गणेश की पूजा की व्यवस्था किसी भी शुभ कार्य से की जाती है।
  • गो शिव को भोग भोज। इस बात का पूरा-सुखारा अच्छाई का ऋतिक का भोग पूरी तरह से अच्छा है।
  • गो शिव की आरती करें।
  • इस व्यक्ति का अधिक से अधिक ध्यान दें।

प्रदोष व्रत पूजा सामग्री

  • अबीर
  • गुलाल
  • चांदनी
  • अक्षत
  • फूल
  • धतूरा
  • बिलावपत्र
  • जनेऊ
  • कलावा
  • दीपक
  • कूपर
  • अगरबत्ती
  • फली

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