Education

राजनीति विज्ञान और इतिहास में संबंध बताइए

राजनीति विज्ञान का महत्व समझाइए | Relationship between Political Science and History

राजनीति विज्ञान और इतिहास में काफी जुड़ाव देखा जाता है, और एक दूसरे के मध्य संबंध काफी समय से देखा जा रहा है। लेकिन फिर भी लोग यह लिखने में असमर्थ हैं कि राजनीतिक विज्ञान और इतिहास में क्या संबंध है।

यदि आप भी जानना चाहते हैं कि राजनीतिक विज्ञान और इतिहास में क्या संबंध है तो आज के लेख में हमारे साथ अंत तक बने रहिएगा, क्योंकि आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि राजनीतिक विज्ञान और इतिहास में क्या संबंध है।

तो चलिए शुरू करते हैं:-

राजनीतिक विज्ञान क्या है? | rajniti vigyan kya hai

राजनीति विज्ञान को परिभाषित करने के लिए हम यह समझ सकते हैं कि जब व्यवस्था के तरीके से राजनीति के अंतर्गत सभी पहलुओं का अध्ययन किया जाता है, तो उसे राजनीति विज्ञान के नाम से जाना जाता है।

राजनीतिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीतिक चिंतन, राजनीतिक सिद्धांत, राजनीतिक दर्शन, राजनीतिक विचारधारा, संस्थागत और संस्थागत ढांचा, तुलनात्मक राजनीति, लोक प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय कानून संगठन इत्यादि का अध्ययन किया जाता है।

इतिहास क्या है? | itihas kya hai

सत्य और काल्पनिक की घटनाओं की कहानी को इतिहास कहा जाता है। इतिहास की सबसे सरल परिभाषा ही हो सकती है, या फिर समय के साथ परिवर्तन का अध्ययन करना इतिहास कहलाता है। इतिहास की सबसे सरल परिभाषा इसी प्रकार परिभाषित की जा सकती है इतिहास के अंतर्गत सामाजिक विज्ञान, राजनीतिक विज्ञान, सोशल साइंस, इकोनॉमिक्स, विज्ञान, तकनीकी, मेडिकल, कल्चरल साइंस, इंटेलेक्चुअल, रिलीजस और मिलिट्री डेवलपमेंट के बारे में पढ़ाया जाता है।

राजनीतिक विज्ञान और इतिहास में क्या संबंध है? | rajniti vigyan aur itihas mein kya sambandh hai

राजनीति विज्ञान की परिभाषा अर्थ एवं क्षेत्र की विवेचना कीजिए | rajniti vigyan ke arth avn kshetra ki vivechna kijiye

हमने आपको राजनीति विज्ञान और इतिहास के बारे में अंतर संबंध बताने से पहले दोनों की परिभाषाएं बताइ है। उन दोनों की परिभाषाएं पढ़कर आप समझ चुके होंगे कि राजनीतिक विज्ञान और इतिहास को कैसे परिभाषित किया जा सकता है।

अब हम आपको बताते हैं कि राजनीति विज्ञान और इतिहास में क्या संबंध है। राजनीतिक विज्ञान और इतिहास गहरा संबंध होता है। इतिहास के अंतर्गत हम सभी समय के एक भाग का व्यवस्थागत के तरीके से अध्ययन करते हैं। लेकिन राजनीतिक विज्ञान के अंतर्गत हम सभी समय के तीनों भाग या तीनों पहलुओं अर्थात वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्य काल तीनों का व्यवस्थागत तरीके से अध्ययन करते हैं।

जब हम राजनीतिक विज्ञान का अध्ययन करते हैं तो उसके साथ उसे समझने के लिए हमें इतिहास को पढ़ना आवश्यक होता है। इतिहास किसी भी सिद्धार्थ को समझने में उसके मूल तत्व को समझने में और उसके कारण को समझने में हमारी मदद करती है, और बिना किसी सिद्धांत का कारण समझे उसे सिद्धांत की उत्पत्ति के बारे में जान पाना असंभव होता है। इस प्रकार इतिहास और राजनीतिक विज्ञान अपने आप में गूढ़ तरीके से जुड़े हुए हैं।

Also read:

बायोलॉजी में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं? विकास को प्रभावित करने वाले किन्हीं तीन कारकों को लिखिए
Account Holder क्या होता है? एक बैंक के दो क्रेडिट कार्ड हो सकते है क्या?
लाल सेना का गठन किसने किया था? क्रेडिट कार्ड से मोबाइल फाइनेंस कैसे होता है?
भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष हुआ था? हरियाणा में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन कब लागू हुआ था?

निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया (राजनीति विज्ञान राज्य का विज्ञान है यह कथन किसका है | Relationship between Political Science and History) के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

FAQ

इतिहास का राजनीति विज्ञान में क्या योगदान है?

पिछले राजनीतिक आंदोलनों, विकास, घटनाओं और संबंधों का अध्ययन राजनीति विज्ञान के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इतिहास राजनीति विज्ञान को अध्ययन सामग्री प्रदान करता है, जो वर्तमान राजनीतिक आंदोलनों, घटनाओं और संबंधों के अध्ययन की नींव के रूप में कार्य करता है।

राजनीति शास्त्र का पिता कौन है?

अरस्तू को राजनीति विज्ञान का जनक कहा जाता है। उन्हें यूनानी विचारक भी कहा जाता है और उन्हें राजनीति विज्ञान का जनक भी कहा जाता है। प्लेटो का आदर्शवाद और अरस्तू का तर्कवाद ग्रीक चिंतन में शामिल है। अरस्तू बहुत पुराने समय में रहते थे, अर्थात राजनीति विज्ञान या राजनीति विज्ञान बहुत ही प्राचीन विषय है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button