Panchaang Puraan

मुकद्दस रमजान : शब-ए-कद्र की रात अल्लाह खोल देता है रहमतों का दरवाजा

मुकद्दस के बाद भी, यह एक ही समय में किया गया था। इस शाम को शब-ए-कद्र की शामें हैं। मुकद्दसमत के बरबाद, ठप बंदों पर बरती ह

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