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navratri 2nd day maa brahmacharini puja aarti shardiya navratri aarti lyrics maa durga ki aarti – Astrology in Hindi

नवरात्रि दूसरा दिन: आज शारदीय का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दिन के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा- क्र.सं. माँ ब्रह्मचारी की कृपा से सिद्धी की तरह… तप, ब्रह्मचर्य, सदाचार और स्थिति के लिए, ब्रह्मचारिणी की उपासना की स्थिति है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चालनी या व्यवहार करना पसंद किया जाता है। आज की कृपा प्राप्त करने के लिए ब्रह्मचारिणी की आरती करें। माँ की आरती से मनवाँछित फल की कीट…

  • मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र:

या देवी सर्वभूतेषु ब्रह्मचारिणी रूपे स्थ्यता।
नमस्तस्यै नमस्त्स्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

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  • मां ब्रह्मचारिणी की आरती:

जय अंबे ब्रह्मचारिणी माता।
जय चतुरण प्रिय सुखदाता।
ब्रह्म जी के मन भाटी हो।
ज्ञान को साईकलती हो।
ब्रह्म मंत्र जाप।
सकल सकल सकल।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस पाँव ध्यानाता।
कमी न करें।।
कोई भी दुख सहने न पाए।
मोन विरुति ठिकाने।
तेरी महिमा जो जाने।
रुद्राक्ष की मलिका ले कर।
जपे जो मंत्र दे कर।
अलस गुणगान।
मैं तुम सुखी हो।
ब्रह्मचारिणी तेरे नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तीर का पेसर।
रखना लाज मेरी महतारी।

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इस आरती को बाद में माँ दुर्गा की आरती भी करें….

  • दुर्गा आरती

जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मंगल ग्रह।
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्म शिव ऋत्व तेर

मुलित सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को ।
उज से दोउ नाना चंद्रबदन नीको जय॥

कनक जैसा कलेवर रक्त अक्टूबर राजै।
रक्तपुष्प गल मलिक कंठन पर साजै ॥जय॥

केहरी वाहन राजत खड्ग खप्परधारी ।
सुर-नर मुनिजन सेवंत तिनके दुख हारी जय॥

कान कुंडल शोभित मोती मोती ।
कोटक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति जय।
शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर धाती ।
धूम्र विलोचन नाना निशिदिन मदमती जय॥

मंगल चौंसठ योगिन मंगल गावैं डांस करत भैरू।
बाज़ ताल मृदंगा अरू बाज़त दंम्रू जय॥

बंचारी अति शोभित खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी जय

कंचन थाल विराजत अगर कपूर बात ।
श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति जय॥
श्री अम्बेजी की आरती जो नहीं नर गावै ।
कहत शिवानंद सुख-सम्पति पावै जय॥

इन साक्षात्कार का करें

  • ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • कार्य, क्रोध, लोभ और मोह से दूर दूर।
  • विश्वास करने से झूठ बोलना चाहिए।
  • बार- बार- सत्यवादी

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