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Mumbai Court acquitted 32 years old businessman in stalking case alleged by women talking on bluetooth device creates misunderstanding – ‘ब्लूटुथ डिवाइस’ ने बिजनेसमैन को बचाया, हो सकती थी 5 साल की जेल, जानें

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मुंबई की एक अदालत ने यह कहते हुए कहा कि 32 साल के एक बिजनेसमैन को एक डिसेंट का केस करने के आरोप से अलग-अलग कर दिया कि ट्रेडों संबंधी धोखाधड़ी उपकरण पर बात करने से सड़क पर चलने वाले राहगीरों को भ्रम हो सकता है। लोक अदालत के मजिस्ट्रेट ने एक समुदाय से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का एक महीने तक पीछा किया और उसके बातों में गुड मॉर्निंग कहने के आरोप में 32 साल की व्यवसायी कलबादेवी को बहुत कर दिया।

दरअसल, ये मामला 2019 का था। जब पीड़िता आरोप लगाती है कि हर सुबह ऑफिस में एक व्यक्ति उसका पीछा करता है और उसके साथ गुड मॉर्निंग कहता है। महिला ने आरोप लगाया था कि शख्स उसकी मुखबिरी करता है।

मामले की सुनवाई के दौरान पक्ष ने याचिका दायर की कि अगर युवक का इरादतन का पीछा करने और मुखबिरी करने का होता है तो वह शाम को भी कतार से लौटने के क्रम में उसे याद आता है, या कभी-कभी उसका घर तक उसका पीछा कर रहा होता है लेकिन उसे ऐसा करते नहीं देखा गया।

बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि यह दुर्घटनाएं होती हैं कि दोनों एक ही समय में रोज़ घोसले लेते हैं और कलबादेवी उस समय अपने ब्लूटुथ डिवाइस पर अपनी आँखों के लोगों से बात करते हैं और अक्सर उन्हें ब्लूटुथ पर गुड मॉर्निंग कहते थे।

इस पर पोलिटन मजिस्ट्रेट यश श्री मारुलकर ने कहा, “ब्लू मेट्रोटुथ डिवाइस पर बात करने से कभी-कभी सड़क पर चलने वाले राहगीरों को लेकर भ्रम हो सकता है। यदि पंच का इरादा पीछा करता है तो कम से कम कभी-कभी कार्यालय से घर लौटते हैं समय भी वह शाम के समय भी अपना पीछा करता है।” मजिस्ट्रेट ने कहा, “सुबह बताए पर किसी का पीछा करना असंभव है।”

बता दें कि अगर यह आरोप सही साबित होता है तो भारतीय दंड विधान संहिता के अनुसार तीन से पांच साल तक की जेल या मुक़दमा हो सकता है।

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