India

Ministry Of Defence Reply On Pegasus In Rajya Sabha Ann

पेगासस मुद्दा: पेगासस जासूसी कांड में पहली बार सरकार ने आधिकारिक तौर से संसद में बयान देकर साफ किया है कि इस ऐप को बनाने वाली कंपनी एनएसओ से कोई लेन-देन नहीं किया है। ️ ये️ ये️ ये️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️

सर के साथ एक टाइप के प्रश्न के लिए रक्षा राज्य के क्षेत्र में, संजय ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दुश्मन के लिए कोई भी प्लान नहीं है। डॉक्टर डॉक्टर वी. सिवादासन ने बजट को संतुलित किया। इसी के साथ जुड़ा हुआ यह भी उससे संबंधित है।

सुनिश्चित करें कि बार-बार प्रबंधित किए जाने के बाद से प्रबंधित किया गया था। जब से देश के राजनेताओं, विपक्षी नेता, पत्रकार और एनजीओ के फोन टैपिंग का मामला सामने आया है तब से ही विपक्ष ने संसद को चलने नहीं दिया है। । इस ऐप का उपयोग करने वाला मोबाइल टेलीफोन में I कंपनी का दावा है कि वह अपराध की स्थिति में है।

लेकिन आपको बता दें कि भले ही रक्षा राज्य मंत्री ने एनएसओ से किसी भी तरह के लेनदेन से साफ इंकार किया है, लेकिन देश की ऐसी कई बड़ी खुफिया एजेंसियां ​​हैं जो रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नहीं आती हैं। रक्षा के संबंध में मेलिटाई-इंटेलिजेंस (इंटेलिजेंस) और ️ जबकि️ जबकि️ जबकि️ जबकि️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ लागू होने पर भी। जबकि नेशनल सिक्योरिटी कॉउंसिल सेक्रेटेरिएट (एनएससीसी) सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के अधीन है। बैंक के बारे में

लोकसभा में हंगामे के बीच वो कौन सा बिल है जिसके बारे में ओ जानें

.

Related Articles

Back to top button