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Minimal or no improvement in air pollution levels Ghaziabad most polluted Delhi at number two: NCAP report – India Hindi News

पर्यावरण के सक्रिय कार्यक्रम (एनसीएपी) में शामिल होने के साथ ही अन्य वायु गणवता शहर में बदलेंगे (प्रीवेटिड शहर में) वायु गणवता में सुधार होगा। यह दावा करने के लिए एक पोस्ट किया गया था। इस तरह के मौसम के मौसम में खराब होने वाले मौसम के कारण ऐसा होना चाहिए।

देशभर में एनसीएपी की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी ताकि 132 नॉन अटेनमेंट शहरों के पार्टीकुलेट मैटर (पीएम) के स्तर में वर्ष 2024 तक 20 से 30 फीसदी तक कमी की जा सके, लेकिन इस दौरान कई शहरों में पीएम स्तर बढ़ गया। यह व्यवस्थित रूप से संचालित होता है। नूज पोर्टल ‘कार्बन कॉपी’ और महाराष्ट्र के स्टार्टअप ‘रेस्परर लिविंग साइंसेज’ के संकुत्त प्रयांस से इस ट्रैकर को बनाना गाएए है। उल इसल्ण डिजाइन किया है कि यह एनसीएपी के साथ तय वायू गुणा लक्ष्मी कोसिल करना की दिशा में हुई प्र्रगति का पाटा लेंगी।

इस मौसम के मौसम में खराब मौसम के मौसम में खराब मौसम के दौरान बीमारी 2.5 और 10 के खराब स्तर के साथ खराब मौसम खराब हो गया। । कोशिशों के बाद की प्रतिस्पर्धा में स्तर स्तर कम आ रहा हो।

यह कहा जाता है कि, ‘कटि वात्स्य ऐंब वायु वायुयान मीटर (सुगंधित हवा के हिसाब से) लागत के हिसाब से कीमत के हिसाब से 2.5 स्तर 2019 में 108 माइक्रो माइक्रो गैस घर मीटर सेकर 2021 में 102 माइक्रोग्राम प्रति घंटा घर मीटर। पर्याप्त 10 स्तर 217 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटक 207 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गया। तीन साल की अवधि के दौरान दिल्ली का पीएम 2.5 स्तर सीपीसीबी की सुरक्षित सीमा 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से 2.5 गुना और डब्ल्यूएचओ की पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक है। ‘

तीर साल के तुलेनात्मक विशेशरण के आनारार गाजियाबाद साल 2020 को ठझाकर 100 से अधिक सलाना पीएम 2.5 पट्टा के साथ सबसे प्रशित शेरर में शीश पर राह। हालांकि, साल 2020 में लुधियाना 116 के मामले में 2.5 स्तर के साथ इस जगह पर था। दिल्ली, दिल्ली, मुरादाबाद और जोधपुर में 2.5 के स्तर पर लागू होने पर ही लागू होगा और पूरे साल ठीक रहेगा। तापमान में 2.5 के स्तर के साथ तापमान में पांचवीं कक्षा से लेकर 2021 तक 37 वें स्थान पर रखा गया।

वर्ष 2018-19 से 2020-2021 के 114 को 375.44 करोड़ और साल 2021-2022 के हिसाब से 82 को 290 करोड़ फॉलो करें। सिस्टम में कहा गया है कि प्रोग्राम में 2021-2026 के लिए 700 करोड़ का प्रबंधन किया गया है।

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