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Mahashivratri: Preparations for the marriage of Devadhidev Mahadev complete Baba will become the bridegroom wearing a maur of flowers – Astrology in Hindi

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर बाबा के लग्न हैं। बाबा के लिए फूलों का मौर बानाया जायगा जबकी देवी पार्वती का लाल झींट वाली चिनरी में शंगार होगा। शिव-पार्वती गृह की संपूर्ण नियुक्ति न्यासविजयंती कर्मकांड का विधान पूर्व महंत परिवार पूर्णसंस्था।

सप्तर्षि आरती के अर्चकरार सगाई
देवदेव महादेव के विवाह सप्तऋषियों में पूर्ण परमेश्वर थे। विश्वनाथ मंदिर में सप्तऋषि आरती के सातवाचक शिव-विवाह का वैभव सप्तऋषियों की सूची में यह वर्णन है। सप्तर्षि आरती के प्रधान प्रधान पं. शशिविशन के कृतित्व में होने वाले कीटाणुओं के साथ पूर्व महंत डॉ. गुरु तिवारी के मार्गदर्शक में होने वाले सगाई के घर के नर्मदेश्वर भी बनेंगे सफेद शादी के गड्डी पर विमानित। 51 परिवार शादी की कल्मों में मदद करेगा। थाल में बाबा के प्रिय भांग, दही, दही, मदार की मलिका, चन्दन, गंगा और विशिष्ट की प्रमुख-बूटियां और अन्य।

महाशिवरात्रि 2022 : महाशिवरात्रि कल, से पटा वैद्यनाथ धाम, चाचार प्रहर पूजा की

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