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अंतिम विदाई: भारत के महान धावक 'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह का चंडीगढ़ में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

<पी शैली ="टेक्स्ट-एलाइन: जस्टिफाई;">चंडी: भारत के महान मिल्खा सिंह का पालन किया गया। चेन्नई के मटका चौक इस केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, पंजाब के स्टेट और पंजाब के खेल मंत्री सहित। पॅक्ज़ के लिए वैं.सं.एं. कॉमपेयर्स मिल्खा सिंह के सम्मान में एक दिन घोषित घोषित किया गया।

मिल्खा सिंह का शुक्रवार की रात 11:30 बजे बारिश से खराब हो गया। वे 91 साल के. विफल होने की वजह से वह खराब हो गई। असंक्रामक वायरस से संक्रमित

देशभर में शोक लहर

मिल्खा सिंह की मृत्यु के साथ मिलकर जीवन के अंत में एक पुण्य देश होगा। राष्ट्रपतिनाथ कोविंद ने कहा कि सत्याग्रह और जुझारूपन की बीमारी की स्थिति में आने वाली महात्मा गांधी को ताजी राम।

राष्ट्रपति ने फोन किया,‘‘खेल के महानायक मिल्खा सिंह की मृत्यु से खेद है। जु रूप असामान्य और सुंदर अनंत के प्रति संवेदना.’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में बात की ,‘‘ मिल्खा सिंह जी की मौत के बाद ये कैसा खेल होगा. अपने स्थिर रहने के लिए. मैं मृत्यु से आहत हूँ।’’

मोदी ने आगे लिखा ,‘‘ शेर कुछ दिन पहले ही श्री मिल्खा सिंह जी से बात की। मुझे पता है कि यह आखिरी बात होगी। जीवन से उबकाई आना उत्तेजन में। परिवार और दुनिया भर में हम हमेशा के लिए खुश हैं।’’

चार बार के एशियाई के सोने की मुलाकात मिल्खा ने 1958 में भी खोजा था। वास्तव में वह घर में ही रखा था और वह 400 मीटर की दूरी पर था। 1956 और 1964 में भारत का प्रापण. १९५९ में पद्मश्री से नवाजा गया।

डी पीआई कोरोना

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