Panchaang Puraan

Know when will be the Jalabhishek of Trayodashi this is the auspicious time – Astrology in Hindi

श्रावण मास की शिवरात्रि का महत्‍व पूरे शिवरात्रि पर्व की तिथि को समाप्त हो गया है। संक्रमण है कि श्रावण का सामान्य शिवकोम प्रिय है। शिव के भक्त जल लाकर अपने शिवलिंग पर जलभिषेक। श्रावण शिवरात्रि इस साल. शुक्ल अगस्त को शाम 6:28 बजे दिनांक तिथि तिथि दिनांक 30.07.00 बजे शाम 7:11 बजे तक। इसलिए शिवरात्रि का त्रयोदशी का जलाभिष सेक अगस्ता को प्रातःकाल से आरंभ होगा। कुछ शिव भक्त हाजिरी का जल भी। शिवरात्रि का विशेष जलभिषेक शाम 6:28 बजे शुरू हो गया। दिन के शाम 6:11 तक शंकर जलभिषेक कर सकते हैं। शिवरात्रि का व्रत अगस्ता को होगा। सात अगस्त तक सुबह 6:51 से 3:45 बजे तक होगा।

यह भी आगे: इन दो राशिफलों के लिए आम विशेष, ये दो बड़े ग्रह लोग जीवन में प्रभाव डालते हैं

शिव की विशेष पूजा पूरी तरह से ठीक है, कुछ भक्तगण विशेष पूजा और जागरण में हैं। इसके लिए अगस्ता अगस्ता रात में निशिथ को स्थिर किया जाएगा 12:03 से 1:59 तक। यह समय पूजा का सबसे अच्छा समय है। प्रातः सूर्योदय 5:50 बजे और प्रातः प्रातः 6:50 बजे तक। इसलिए चतुर्दशी के व्रत का पारायण सात अगस्त तक 6:51 से 15:44 तक स्थिर रहेगा। रात्रि जागरण में ओम् नमः शिवाय का जाप, महामृत्युंजय का जाप और रुद्राभिषेक दृष्टा शुभ माने गए हैं। शिवरात्रि में इस पवित्रता के लिए यह अच्छा होगा। … उमस भरे तापमान को सहन करने के लिए। ்ி் ️ अच्छी तरह से प्रार्थना करने वाले और अपनी से अपनी और विश्व कल्याण की वरदानी। से श्रावण मास में यह जलभिषेक का श्रेष्ठ गुण है।

ऐसे करें शिव को प्रसन्ना: शिव को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करना चाहिए।
-ओम् नमः शिवाय…
-ओम् नमः शंभवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च।मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराई च।।
-ओम् त्रयंबकम् यजामहे सुग्रीम् स्थायी म्‍मृतात्।।
(ये सही ढंग से काम कर रहे हैं और जनता के लिए ऐसी स्थिति में हैं।)

.

Related Articles

Back to top button