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kalashtami 2022 may puja vidhi shree bhairav aarti lyrics – Astrology in Hindi

हर तारीख को तारीख तय होने के बाद तारीख तय होने के बाद तारीख तय की गई है। यह दिनांक दिनांकित भैरवनाथ को सदस्यता है। इस दिन- व्यवस्था से भैरवनाथ की पूजा- इस प्रकार से। कालाष्टमी को भैरवष्टमी के नाम से भी जाओ। भक्तजन इस दिन भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी। कालाष्टमी के पावन दिन भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए आरती करें। आरती से भैरव बाबा की कृपा प्राप्त होती है। आगे आगे पढ़ें भैरव बाबा की आरती-

  • श्री भैरव जी की आरती


सुन जी भैरव लाडले, कर जोड़ कर विनती:
कृपा दृष्टि , ध्यान दें

अपनी सुन
मैं हूं मैं हूं, मेरी कुछ मदद तो आराम

मैल
सुन जी भैरव लाडले…

भविष्य में श्वानकी, चारों
पूर्व भूत और प्रेत, आप ही सरताज हैं |
आप जो, हैं
सुन जी भैरव लाडले…

माताजी के सामने, नर्तन भी
गा गा के गुण से, उनकोझाते हो सदा
एक सांकली खिताबी
सुन जी भैरव लाडले…

प्राइमरी को बेहतर बनाना,
आवास के लिए बजरंग का स्थान है
श्री प्रेतराज सरकारके, मैं शंख मैं धरूं
सुन जी भैरव लाडले…

निशदिन आपके खेल से, माताजी खुश रहने के लिए
सर पर तालिका

कर जोड़ सकते हैं
सुन जी भैरव लाड़ले, कर जोड़ कर विनती:

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  • आरती श्री भैरव बाबा की

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
जय काली और गौरा देवी कृति सेवा।।


पाप दुख दर्द का मौसम तारक।
सकारात्मक कारक सकारात्मक फलदायक होता है।


वाहन शरीर विराजत कर त्रिशूल धारी।
महिमा अमिंथिक जय जय भयाचारी।।


बीस देवा सेवा सपप।
चौमुख दीपक दर्शन सगरे खोंवे।।


तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावली।
कृपा कर भैरव करिये।।।


पांव घुंरू बाज़त अरु डमरू डमकावंत।।
बटटनाथ बांका जन मन हर्षावत।।


बटनाथ जी की आरती जो कोई नर गावेन।
डार धरणीधर नर मनवांछित फल पावेन।।

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