Panchaang Puraan

kaal bhairav jayanti 2021 katha story kaal bhairav ke janam ki katha – Astrology in Hindi

काल भैरव जयंती 2021 : काल भैरव जुबली पर काल भैरव की विधि- व्यवस्था से पूजा- क्रचन की स्थिति है। इस साल 27 नवंबर, को काल भैरव जुबली। हर साल शीर्ष माह में कृष्ण की अष्टमी पर काल भैरव का खेल खेलते हैं। विज्ञान के हिसाब से काल भैरव का शब्द क्या है। इस पावन दिन काल भैरव के अवतरण की कथा का पाठ. आगे पढ़िए कथा-

  • काल भैरव ने इस बारे में

शिव महापुराण में जन्म लेने वाले ब्रह्माजी और विष्णु के भैरव में पैदा हुए थे। एक बार जन विष्णु ने ब्रह्म से कि इस ब्रह्माण्ड का सर्वोत्कृष्ट सृष्टिकर कौन? इस प्रश्न के उत्तर में ब्रह्मजी ने श्रेष्ठ श्रेष्ठ। ब्रह्मजी के उत्तर के बाद वे संबंधित थे जो संबंधित थे। सबसे पहले वे ऋग्वेद के पास थे। ऋग्वेद ने कहा, “शिव ही सर्वशक्तिमान हैं, वो सर्वशक्तिमान हैं और सभी जीव-जंतु सुनाते हैं”। जब ये प्रश्न होंगे तो वे श्रेष्ठ होंगे और वे श्रेष्ठ होंगे और वे श्रेष्ठ होंगे।

काल भैरव जयंती 2021 : मकर, कुंभ, धनु, करू, मित्र इस उपाय से लें भैरव बाबा को प्रसन्नता, शनि का प्रभाव कम होगा

सामवेद ने उत्तर दिया “विभ्रष्ट साधक और योगी आराधना हैं और जो इस पूर्ण विश्वाश्र्य कम है यानि शिव हैं”। अथ ने कहा, “भक्ति मार्ग पर चलने में सक्षम हैं, जो भविष्य के लिए संकटमय हैं, हरता, वह शंकर ही श्रेष्ठ है”। चारों वेदों के उत्तर भी विष्णु और ब्रह्माजी के अहं शान्त थे और वे उत्तर पर ज्योर-जोर से हंसने लगे। प्रकाश में प्रकाश के रूप में महादेव आ रहे हैं। शिव को ब्रह्मांड का पांचवां भाग क्रोध की आग में पागल हो गया।

27 को सूर्य की किरणें इन राशियों का भाग्य, मीन से मीन मीन राशि तक का हाल

️ मृत्यु वह काल या मृत्यु का कोई भी व्यक्ति नहीं होगा। ब्रह्म के क्रोध से जलते को भैरव ने तेज से अलग कर दिया। पर शिव ने भैरव से सभी प्रकार के संचार के लिए जाने के लिए खतरनाक ब्रह्म घातक घातक से मिल रहा है। भैरव के तालिका से ब्रह्म का सिर गिर गया। काशी में जगह पर ब्रम्ह का क्षरण हुआ था जिसे कपाल मोचन न्यास कहा गया था। उस दिन से लेकर आज तक स्थायी रूप से काशी में रहने वाले हैं। जो भी व्यक्ति को चाहिए उसे भी.

.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button