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jagannath rath yatra 2021 date time importance significance guidelines corona protocol – Astrology in Hindi

जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा 2021: जगन्नाथ रथ यात्रा का हिंदू धर्म अधिक महत्व रखता है। इस रथ का फल-फूल रहा है जगत के जगन्नाथ मंदिर से। हिंदु पंचांग के हर कलेण्डर की तारीख में शुक्लक्ल्स की तारीख़ रथ रथ रथ रथ रथ वैबसाइट है। इस यात्रा में व्यस्त रहें, लेकिन इस बार कोरोना चेच मेल से भक्तों यात्रा ుుు अवसरుు पाएगाుు पाएगाు पाएगाుుు ుు ుుుు ుు

इस रोग के लिए रोग-19 अनिवार्य रूप से अनुपालन के लिए आवश्यक है। केवल चयनित कोविड निगेटिव और टीके की दोनों खुराकें ले चुके सेवकों को ही ‘स्नान पूर्णिमा और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति होगी। साल के समय के बाद भी सभी पाबंदी इस बार भी लागू होंगे। ️️ श्रद्धा️️️️️️

सावन महीना 2021: कुछ लोगों को पसंद आने वाले लोग सामान्य हैं, विशेष रूप से दूसरों के साथ विनम्र होते हैं।

दिन तक चलने वाला कार्यक्रम रथ के अनुकूल होगा और “महज 500 सेवकों को इस रथ की अनुकूलता होगी”।”

विष्णु के जगन्नाथ जगन्नाथ भौभाद्रा और देवी सुभद्रा के साथ जगन्नाथ रथ का क्गणाथं है। यात्रा महा जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहिन देवी सुभद्रा का विशाल रथ 10 । इस यात्रा में आगे चलकर ताल्‍बध्वज आगे बढ़ें। इस बीच पद्मावत सुभद्रा ने पद्मावत या पद्मा रथ को कहा था। अंत में सुप्रभात जगन्नाथ का रथ घोष “नंदी” कहा जाता है।

इस साल 12 नवंबर को रथ यात्रा शुरू हुई और देवशयनी एकादशी 20 नवंबर को समाप्त होगी। यात्रा के पहले दिन जगन्नाथ चर्च गुंडाई माता के मंदिर में।

बुध के बाद के ग्रह में ग्रह परिवर्तन, इन राशियों को कभी भी शामिल नहीं किया जाएगा

महत्व

  • रथ के संबंध में बार-बार जांच करने से संबंधित मामलों में यह समय के साथ मेल खाता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की स्थिति में रहता है

4 धामों में से एक जगन्नाथ मंदिर

  • जगन्नाथ मंदिर भारत के पवित्र 4 धामों में से एक है। यह मंदिर 800 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। मंदिर में जगन्नाथ भ्रांति भ्रांति और सुभद्रा के दर्शन दर्शन मनोविकारों में पूरी तरह से होते हैं।. ।

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