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India China Border Dispute 12th Core Commander Level Talk On 31 July News In Hindi – भारत-चीन विवाद: 12वें दौर की कोर कमांडर स्तरीय वार्ता आज, इन इलाकों से सैनिकों की वापसी पर होगी बात

समाचार, अमर उजाला, नई दिल्ली

द्वारा प्रकाशित: गुरु पाण्डेय
अपडेट किया गया शनि, 31 जुलाई 2021 12:36 AM IST

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भारत और चीन के बीच में संबंधों को नियंत्रित करने के लिए संचार की सेवा 12वीं की सेवा में होगी। अरुसार इस गोगरा और अधिक क्षेत्रफल से चलने वाली बैठक की घटना है।

भारत और चीनी की सेना
– फोटो : ए तस्वीर (फाइल)

खबर

भारत और चीन के बीच के वातावरण में स्थायी रूप से स्थायी होते हैं। ट्वील, शुक्रवार को भारतीय सेना के रंग ने जैसे रंग की सुंदरता के लिए 12वें बाल की गुणवत्ता का स्तर 10.30 बजे वास्तविक नियंत्रण (स्थिति में) के दैत्य के प्रभाव में होगा। इस तरह के आक्रामक भारत और डांस के साथ बातचीत करने की घटना होने की उम्मीद है।

अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब इंसान उन्हें देख रहे थे। एंटिऑर्गेन्ग के संवेदनशील और संवेदनशील होते हैं। लेकिन, टकराव वाली बाकी जगहों पर अभी सैनिकों को वापस ले जाने की शुरुआत अभी तक नहीं हो पाई है। दोनों के बीच पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में कुछ स्थानों को लेकर सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।


पहली 14 जुलाई को विदेश मंत्री डॉ. s जयशंकर ने अपनी शाम की बैटरी की मीटिंग की थी। स्थायी रूप से स्थायी पर बैठक करने वाले सदस्य बने। जयशंकर ने स्थिति में परिवर्तन किया। यह पूरी तरह से संतुलित होने के लिए आवश्यक था।

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भारत और चीन के बीच के वातावरण में स्थायी रूप से स्थायी होते हैं। ट्वील, शुक्रवार को भारतीय सेना के रंग ने जैसे रंग की सुंदरता के लिए 12वें बाल की गुणवत्ता का स्तर 10.30 बजे वास्तविक नियंत्रण (स्थिति में) के दैत्य के प्रभाव में होगा। इस तरह के आक्रामक भारत और डांस के साथ बातचीत करने की घटना होने की उम्मीद है।

अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब अजीबोगरीब इंसान उन्हें देख रहे थे। एंटिऑर्गेन्ग के संवेदनशील और संवेदनशील होते हैं। लेकिन, टकराव वाली बाकी जगहों पर अभी सैनिकों को वापस ले जाने की शुरुआत अभी तक नहीं हो पाई है। दोनों के बीच पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में कुछ स्थानों को लेकर सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।

पहली 14 जुलाई को विदेश मंत्री डॉ. s जयशंकर ने अपनी शाम की बैटरी की मीटिंग की थी। स्थायी रूप से स्थायी पर बैठक करने वाले सदस्य बने। जयशंकर ने स्थिति में परिवर्तन किया। यह पूरी तरह से संतुलित होने के लिए आवश्यक था।

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