Panchaang Puraan

Holashtak 2022 start date importance significance dos and donts during holashtak – Astrology in Hindi

इस बार 18 अक्टूबर को होली की छुट्टी। पूर्व 10 मार्च. शुभ समय पर टिके रहने और शुभ कार्य हो सकते हैं। ये सभी काम के बाद शुरू।

हिन्दू धर्म में होली के त्योहारों का विशेष महत्व है। होली फाल्गुन मास की पूणर्पूर्ति है। फाल्गुन मास के टोल की अष्टमी से लग्लष्ट लग रहा है। सात बजे तक होलिका चूल्हा सात बजे तक। ज्योतिष शास्त्री पंड़ित विज्ञान ने विज्ञान को इस साल बनाया था। फाल्गुन अष्टमी से होलिका का मेल मिलाने के लिए हालांकि देवी-देवता की पूजा- ये दृश्‍य सर्वोत्‍तम माने गए हैं। होलाष्टक शब्द होली और अष्टक से बना है। आराम करने वाला है हंसी के आठ दिन। होलाष्टक के क्षेत्र में, मुंडन, घरेलू विवाह-मिलन-वाहन की ऐसी ही हों।

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इसलिए होलाष्टक-

  • पंड़ित राजकुमार राजा के अनुसार हरिण्यकश्यप प्रहलाद को विष्णु की धाक से दूर जाना। ये 8 प्रहलाद को पर्यावरण दी। आठवें वर्ष के दौरान होलिका के गोदी में प्रहलाद को जला दिया गया, फिर भी भक्त प्रहलाद को कुछ। इन आज़ दीनों में प्रचार के साथ जो हुआआ, उसके कानों में होने वाला असामान्य दिखने वाली लड़कियां

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होलाष्टक पर न करें ये काम

  • शादी में जन्म से मृत्यु तक। जीन्स, पौंसवन, जातकर्म, प्रेक्ष्य, अन्नप्रासन, संस्कार, कर्णवेध, यज्ञोपवीत, केशान्त, लग्न, अन्त्येत्ति आदि सम्मिलित हैं। विवाह समारोह में विवाह संपन्न हुआ था। अगर ऐसा हुआ तो भी ऐसा ही होगा।

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