Panchaang Puraan

hanuman ji puja vidhi how to get blessings of bajrangbali hanuman ji ko prsnn karne ke upay hanuman chalisa benefits – Astrology in Hindi

हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति का भाग्य सुखी होता है। हर कोर्षाणु हनुमान जी श्री राम के परम भक्त हैं। कलयुग में हनुमान जी भगवान हैं। हनुमान जी की कृपादृष्टि से सभी के लिए उपयुक्त हैं। हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति का भविष्य भी जागेगा। हनुमान जी के भविष्य के लिए हनुमान्‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ आगे पढ़ें श्री हनुमान चालीसा…

मकर, कुंभ, धनु, मिथुन, धुलाई की वैय्यासाती और ढेड्या से छुट्टी के दिन के दिन के पहले दिन ये उपाय करें।

  • श्री हनुमान चालीसा

श्रीगुरु चरण सरोज रज
निजमनु मुकुरु सुधार
बरनउँ रघुबर बिमल जसु
जो यदुपाली चारि
बुद्धिमान तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार……

जय हनुमान ज्ञान गून सागर
जय कपिस तिहुँ लोक सभा
राम दूत अतुलित बल धामा
अंजनि-पुत्र पवनसुत नाम।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी
कुमती निवार सुमति के संगी
कंचन बरन बिराज सुबेसा
कान कुंडल कुच्छित केसा।।

बजर औ ध्वजा बिराजे
काँधे मूँज जनेउ साजे
शंकर सुवन केसरी नंदन
तेज प्रताप महाजज वंदन।।

बिद्यावान गुनी अति चतुर
राम काज करिबे को आतुर
प्रभु की विशेषता सुनिबे को रसिया
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म धरि एसआई
बिकट रूप धारी लंक जरावा
भीम रूप धारी असुर संहारे
रामचंद्र के काज संवारे।।

जीवन जीवन लखन जियाये
श्री रघुबीर हरिषी उर लाये
रघुपति कीह्न बड़ाई
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो गावैं
अस कहि श्रीपति कण्ठ
सनकादिक ब्रह्मदि मुनिसा
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिग्पाल
कबी कोबिद कहि ते
आप उपकार सुगौरवहिं
राममिलन राज पद दीन्हा।।

हरो मंत्र बिभीषन
लंकेश्वर भे सबज जाओ
जुग सहस्र जोजन पर भानु
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका
जलधि लाँघी अचरज नाहीं
दुर्गम काज के जेते
आस-पास के वातावरण

राम दारे तुम रखवारे
नत आज्ञा बिनु पैसा हो
सुख लहै सर सबना
तुम रच्छक काहू को डर ना।।

आपन तेजो आपै
सो लोक हिन्क तेँ काँपै
पी भूतसाच निकटवर्ती नहिं अवै
महावीर सुनाना…

नासूर रोग सब पीरा
जपत हनुमत
आपदा तन्
मन-बच्चा ध्यान जो योग्य।।

राम तपस्वी राजा
तिन के काज कुल साजा
और मनोरथ जो कोई लावै
सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप
यह सिद्ध है उजियारा
सूत सन्त के तुम रखवारे
असुर निकन्दन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि धनी धनार्थी
अस बर दिन जानकी माता
राम रसायन तुम्हो
सदा रघुपति के दासा।।

तुहमरे भजन राम को पावै
जनम जनम के दुःख बेस्रावै
अंत काल रघुबर पुर जाई
जहां जन्मभूमि हरिभक्ति।।

और देवता चित्त न धरी
हनमत सेई सर्ब सुख करई
स्कट कटै मित्त सबेरा
जो सुमिरन हनुमत बलबीरा।।

जय जय जय हनुमान
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं
जो सत बार पाठ कर कोई
लहि बंधी महा सुख होई।।

जो यह हनुमान चालीसा
होय सिद्धि साखी गौरीसा

तुलसीदास सदा हरि चेरा
की जयनाथ हृदयेश महंजी..

तूफानी संकट हरन, मंगल मूरति रूप
राम लखन सीता सहित, हृदय बसु सुर भूप।।

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