Panchaang Puraan

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गुरु पूर्णिमा 2021: हिंदू धर्म में गुरु का अधिक महत्व है। अनुकूलता के अनुसार अनुग्रह से व्यक्ति का भाग्य भी खुश रहता है. साल आषाढ़ माह में पौर्ण पूर्णिमा का पावन हर मौसम है। दिन वेद वेद व्यास को हिंदू धर्म का पहला गुरु सुख मिलता है। इस साल 24 नवंबर, 2021 को गुरु पूर्णिमा का मौसम पूरा हो गया। गुरु पौर्निमन के पावन गुरु गुरु की आरती शरीर में। व्यक्तिगत रूप से अपने-अपने गुरु महाराज का ध्यान रखें।

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  • गुरु महाराज की आरती

जयदेव अमेल अविनाशी, ज्ञानरूप के भीतर,
पग बग पर प्रकाश, जैसे किरणें दिनकर की.
आरतीसूर्यावर की॥

सुरक्षा से दूर तक,
कल्पवृक्ष तरुवर की।
आरतीसूर्यावर की॥

ज्ञान के पूर्ण प्रवर्तक, योगज्ञान के पूर्ण प्रवर्तक।
जय गुरु चरण-सरोजी मै दी, व्यथा हमारे उर की।
आरती सौर्य की।

अमोबलिंग से उल्टी, उल्लास, अमर उजाला,
कब तक खाना-दर की।
आरतीसूर्यावर की॥

संशय धुंधलिया, भवसागर से पार लंघाया,
अमर प्रदीप जलकर कर दी, निशा दूर इस तन की।
आरतीसूर्यावर की॥

अभेद्य भेद, बाहरी भेद भेद,
धन्य हम पाकर धारा, ब्रह्मज्ञान निझर की।
आरतीसूर्यावर की॥

करो कृपा सद्गुरु जग-तारन, सत्पथ-दर्शक भ्रांति-निवारण,
जय हो नित्य जयालाने लाइकाधर की जय।
आरतीसूर्यावर की॥

आरती सद्गुरु की
प्रेमि गुरुवर की आरती, आरती गुरुवर की।

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