Panchaang Puraan

Guru Gobind Singh Jayanti 2022 quotes thoughts updesh – Astrology in Hindi

श्कष्टाध्याय में डॉस गुरुओं के जीवन में वे हैं, जो भी मंत्रोच्चार में शामिल हैं। परिवार के व्यक्ति, मित्र, अनजान या दुश्मन के रूप में पहचानते हैं, तो वे खतरनाक जीवन व दया की भावना को जान लेते हैं। गोविंद गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में हबल की स्थापना की थी।

गुरु गोविंद जी ने जीवन के पांचों सिद्धांत, ‘पंच कच’ के नाम से जाना है। आज साइकिल्स के 10वें गुरु, गुरू गोबिड़ सिंह की जुबली पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चेन्नई में, पवनचक्की में वैसी ही वैसी ही जैसी वैसी ही वैसी ही जैसी वैसी ही गुरुद्वारों के लिए भी वैसी ही वैसी ही होती हैं। गुरु गोविंद सिंह के संदेश के हिसाब से मंत्रोच्चारण मासिक चक्र में शामिल होता है। पांच चीजें – केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा। आज के विचार:

बचन करकैन पालना: अगर आप को यह चेतावनी दी गई है, तो उसे हर कीमत पर चेतावनी दी जाएगी।

किसी अन्य दिन, चुगली, अतै इशारखा ना : यह सही भी है और सही भी है।

इन 4 युगों के जीवन में संकट की स्थिति, बजरंगबली और सनदेवी पौधे रक्षक

कम करन दर दरदार : काम में कड़ी मेहनत करें और काम को कोताही न हों।

गुरुबानी कंठकरी : गुरुबानी को कंठस्थ कर लें।

दसवंड डोनेट : अपनी कस्ताई का दुस्वान्स हेस्सा दीन में दे

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