Education

विकास और प्रगति में अंतर | Vikas aur Pragati mein antar

differentiate between growth and development | vikas or pragati ke siddhant

विकास और प्रगति में ज्यादा अंतर नहीं होता है। हालांकि जो मूल अंतर विकास और प्रगति में होता है यह इन दोनों की परिभाषा को ही परिवर्तित करके रहता है। इसलिए आपका यह जानना आवश्यक है कि विकास और प्रगति अलग-अलग होते हैं। हालांकि दोनों में अंतर क्या होता है यह जानने के लिए हमने आपको नीचे विस्तृत तरीके से इसके ऊपर जानकारी दी है, कि विकास और प्रगति में अंतर क्या है (vridhi aur vikas mein kya antar hai)।

यदि आप जानना चाहते हैं कि विकास और प्रगति में अंतर क्या है, तो आज का यह लेख आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि आजकल एक महान आपको बताएंगे कि विकास और प्रगति में अंतर क्या है।

तो चलिए शुरू करते हैं:-

प्रगति किसे कहते हैं? | pragati kise kahate hain

किसी भी दिशा की ओर परिवर्तन को केंद्र में रखकर किया गया कार्य जो लगातार एक प्रक्रिया के तहत व्यवस्थागत तरीके से किया जाता है, प्रगति कहलाता है। प्रगति के अंतर्गत किसी भी प्रक्रिया या परिवर्तन का कल्याणकारी हो ना या कल्याणकारी होना मायने नहीं रखता।

विकास किसे कहते हैं? | vikas kise kahate hain

विकास को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है, कि सार्थक दिशा की ओर कल्याणकारी परिणामों को प्राप्त करने हेतु किए गए परिवर्तन के कार्य विकास कहलाते हैं। विकास की प्राप्ति हेतु यह आवश्यक है कि सार्थक दिशा में हीं कल्याणकारी परिणामों को केंद्र में रखते हुए परिवर्तन हेतु प्रयास किए जाएं।

विकास और प्रगति में अंतर क्या है? | vikas aur pragati mein antar

विकास और प्रगति का मूल अंतर क्या है, वह हमने आपको पर बता दिया है। अब और क्या क्या ऐसे अंतर हो सकते हैं जो विकास और प्रगति को अलग बनाते हैं, उनके बारे में हमने आपको नीचे विशेष जानकारी दी है:-

vikas arthik samridhi mein antar
vikas arthik samridhi mein antar | विकास और प्रगति के सिद्धांतों पर चर्चा करें
  • विकास मूल रूप से आर्थिक विकास और भौतिक समृद्धि से संबंधित होता है, जबकि प्रगति मात्र किसी दिशा में व्यवस्थागत तरीके से किया गया एक परिवर्तन मात्र है।
  • विकास का चुनाव कई बार संस्कृति के एक भौतिक पक्ष से हो सकता है, जबकि प्रगति का जुड़ाव किसी भी प्रकार की संस्कृति के किसी भी पहलू यानी कि भौतिक और अभौतिक पक्ष दोनों से हो सकता है।
  • विकास में मूल्यों के मायने होते हैं, प्रगति में मूल्यों के मायने नहीं होते।
  • विकास में कल्याणकारी परिणाम मायने रखता है। प्रगति में परिणाम मायने रखता है।
  • विकास व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों हो सकता है, जबकि प्रगति केवल सामूहिक होती है।
  • विकास के दौरान एक जटिल परिणाम को सरल बनाने के लिए सरल प्रक्रिया से जटिल प्रक्रिया की ओर प्रवेश किया जाता है, जबकि प्रगति के अंतर्गत ऐसा जरूरी नहीं है। इसमें सभी प्रकार के आवश्यक संयोजन लेकर जा सकते हैं।
  • विकास कि सभी प्रक्रियाएं अंत में एक बिंदु पर आकर केंद्रित होती है। जबकि प्रकृति में सभी प्रक्रिया समानांतर रूप से साथ में चलती है, और कभी भी एक बिंदु पर आकर केंद्रित हों यह आवश्यक नहीं होता। यह हो सकता है कि प्रगति के दौरान जो प्रक्रियाएं एक साथ चलती है उनमें से कई प्रक्रिया एक दूसरे से टकरा जाए।

यह सभी विकास और प्रगति के मूलभूत अंतर है जो हमने आपको बताएं।

Also read:

महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर क्या है? आंध्र प्रदेश की भाषा क्या है? और कितनी भाषाएं बोली जाती है?
बारिश क्यों होती है? बारिश के क्या फायदे और नुकसान राजनीति की गूंगी गुड़िया किस नेता को कहा जाता है और क्यों
विश्व में संयुक्त राष्ट्र दिवस कब मनाया जाता है? नाबालिक क्या होता है? नाबालिक और नाबालिग में अंतर
कुंजू चंचलो क्या है? कुंजू चंचलो किस जिले का प्रसिद्ध लोक गीत है? प्राकृतिक संख्या किसे कहते हैं? फार्मूला और विशेषता

निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया (विकास और प्रगति में अंतर | difference between growth and development in hindi) के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button