Panchaang Puraan

ganga dussehra 2021 date time importance puja vidhi importance significance mantra aarti lyrics kab hai ganga dussehra – Ganga Dussehra 2021 : 20 जून को है गंगा दशहरा, जानें पूजा

साल ज्येष्ठ माह की शुक्ल की तारीख को दिनांक को तारीख़ को तारीख़ को दिनांकित किया गया है, जो कि दिनांक को दिनांकित हो गया है। शुक्ल ग्रह की तारीख दिनांक को दिनांकित तिथियाँ हैं। साल के ज्येष्ठ माह के शुक्ल के दशमी तिथि 20 नवंबर को है। क्रियात्मक कार्य के लिए पृथ्वी स्वर्ग से पृथ्वी पर स्थित है। हिन्दु धर्म में यह अधिक महत्वपूर्ण है। इस दिन विधि- व्यवस्था से मां गंगा की पूजा- कृंतक। जननांगों की देखभाल करने की प्रक्रिया से छुट्टी हो जाती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की सफाई होती है. इस बार कोरोना की पूजा-अर्चना करें। देवी मां गंगा दशहरा पूजा- विधि, महत्व, मंत्र, आरती और शुभ मुहूर्त…

गंगा दशहरा मुहूर्त

  • दशमी तिथि दिनांक – नवंबर 19, 2021 को 06:45 बजे बजे
  • दशमी तिथि समाप्त – नवंबर 20, 2021 को 04:21 बजे बजे

गंगा दशहरा पूजा-विधि

  • ऐसा करने के लिए जल्दी उठें। इस बार कोरोना चेच की वजह से गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, इसलिए घर में रहकर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर मां गंगा का ध्यान कर स्नान करें।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • इस दिन गंगा का अधिक से अधिक ध्यान दें।
  • दिन दिन से शुभ फल की इस घटना में है।
  • घर में ही माँ गंगा की आरती।

चाणक्य नीति : पति– पत्नी

गंगा दशहरा का महत्व

  • पांच दिन की मां गंगा की पूजा-अर्चना करने के लिए सभी प्रकार के डिस्चार्ज हैं।
  • माँ गंगा की पूजा करने से शुभ फल की पूजा होती है।

गंगा दशहरा शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:03 ए एम से 04:44 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:51 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:42 पी एम से 03:38 पी एम
  • धूली मुहूर्त – 07:08 पी एम से 07:32 पी एम
  • अमृत ​​काल- 12:52 पी एम से 02:21 पी एम

धन खर्च

मां गंगा आरती

जय गंगे माता, श्री गंगे माता।
नर्को ध्यानता, मनवांछित फल जो खोजे।
ॐ जय गांगे माता…

चंद्र-सी ज्योत अविनाशी।
शरणाश्रम जो टेरी, सोनर तरवर।
ॐ जय गांगे माता…

पुत्र सगर के तारे सब जग को पता।
कृपा दृष्टि दृष्टि, त्रिभुवन सुख दाता।
ॐ जय गांगे माता…
एक ही बार भी जो नीर्ति शरणागति की स्थिति।
यम की त्रे माई कर, परम गति पाता है।
ॐ जय गांगे माता…
आरती मात जोड़ जो जन नित्य गाता।
दास सहज आसानी से मिल जाता है।
ॐ जय गांगे माता…
ॐ जय गंगे माता…..

माँ गंगा मंत्र

  • ॐ नमो गंगायै विश्वरूप्यै नारायण्यै नमो नमः’

.

Related Articles

Back to top button