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Ganesh Chaturthi 2021 Read This Ganpati Strota From Ganesh Chatruthi To Anant Chaudas Get Rid Of Debt

पढ़ें गणेश स्तोत्र: 10 गणक गणतांत्रिक (गणेश महोत्सव) की हो रही है। ने में गणपति की स्थापना (गणपति स्थापना) कर है। घर में बप्पा को दस दिन तक विराजमान बनाया जाता है। लेकिन किसी भी दिन निर्धारित, तीन दिन और स्थापित करने के लिए, तो उन्होंने बप्पा को घर में विराजमान किया है। घर पर गणपति स्थापित करने के बाद पालन करना महत्वपूर्ण है।

विघ्नहर्ता गणेश (विघ्नहर्ता गणेश) को प्रसन्नता के लिए घर में स्थापित करने की बार विधि-विधान के साथ पूजा की व्यवस्था है। थे

कहते हैं कि बप्पा अपने भक्तों के सभी कष्टों का हरन कर लेते हैं। बहुत ही , घर में सुख-समृद्धि का वास है। धन की कमी कम नहीं है। अगर आप गणेश चतुर्थी से अन्नत चौदस का पाठ करते हैं, तो लक्ष्मी जी की कृपा तक आजीवन बनी रहती है। धार्मिक मानय्ता है कि गणेश ऋणमुक्ति स्तोत्र का पाठ (गणेश strotra पथ करते हैं) करने से अगर किसी के ऊपर कर्ज होता है, तो उससे मुक्ति मिल जाती है। मन से सूत्र की तरह सूत्र सूत्र में शामिल होते हैं और लोन से…

गणपति स्तोत्र (गणपति स्तोत्र)

ध्यान दें: सिंदूर-वर्णं द्वि-भुजं गणेशं लंबोदरं पद्म-दले निविष्टम्
ब्रह्मदि-देवैः परि-सेव्यमानं सिद्धैर्युतं तं प्रणमि देवम्

मूल-पाठ
सृष्ट्यदौ ब्रह्मणा सम्पादित: फल-सिद्धि,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

त्रिपुरस्य वधात् पूर्वं शम्भु सम्पादित:,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

हिरन्य-कश्यपवादनं वधार्थे विष्णुनार्चित:,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

महिष्य वधे देव्या गण-नाथ: प्रपुजित :,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

तारक्य वधात् पूर्वं कुमारेण प्रपूजित :,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

भारेण गणेशो हि पूजितश्श्छवि-सिद्धिए,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

शशिना कान्ति-वृद्धिर्थं पूजितो गण-यिक:,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

पालनाय च तपस विश्वामित्रेण पूजित :,
शासन पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे.

इदं त्वृण-हर-स्तोत्रं उन्नत-दारिद्र्य-नाशनं,
एक वारं पठेन्नित्यं सालमेकं समहित :,
दारिद्रयं दारुणं सत्यक्त्वा कुबेर-समतां व्रजेत।

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