Panchaang Puraan

Dhanteras – Astrology in Hindi

कार्तिक मास में कृष्ण की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस के रूप में सही है। धनतेरस की समृद्ध पेशकश है। मान्यता है कि इस दिन समुद्र से भगवान धनवंतरी अमृत से भरा स्वर्ण कलश और स्वर्ण रजत आभूषणों के साथ प्रकट हुए थे। प्राकट्यगृह के रूप में इस पर्व का नाम धन योदशी या धनतेरस। धनतेरस पर सोने, सोने और गहने खरीदने के लिए उपयुक्त है। धनतेरस पर की गणना करने के लिए

धनतेरस का महत्व धनतेरस पर सयकाल में दिशा की ओर दीप प्र्वलित से परिवार के रोग की मृत्यु और सुरक्षा में परिवर्तन होता है। ज्योतिष शास्त्र का कहना है कि धनतेरस स्थिर हो गया है और शुभ चौघड़िया मुहूर्त में है। इस बार धनतेरस पर सुबह 8 से 10 बजे के बीच का समय होगा। मूवी स्थिर्न (वृश्चिक) लगा, दूसरा दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 10:40 से 1:30 के बीच में होगा। इसी समय यह शुभ संयोग है। दोपहर बाद 1:50 से 3 बजे तक स्थिर होने का शुभ मुहूर्त होगा। सयाकाल में 6:30 से रात 8:30 के बीच में स्थिर होने का शुभ मुहूर्त। दोपहर में तीन बजे से 4:30 बजे के बीच में कॉल करेंगे, इसलिए इस समय में यह है।

धनतेरस पूजा-विधि
अनाज पर अनाज की बर्बादी पर… माँ लक्ष्मी का ध्यान तीन बार श्रीसूक्त का पाठ करें। माँ लक्ष्मी सहित सभी देवी-देवता-देवता भोजन या भोजन का भोजन और परिवार सहित प्रसाद में भोजन करें। माँ लक्ष्मी की कृपा रचना।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button