Panchaang Puraan

dhan labh aur dhan hani rokne ke upay indira ekadashi 2021 how to make maa laxmi and vishnu bhagwan happy – Astrology in Hindi – मेष से लेकर मीन राशि तक, धन

आज इंदिरा एकादशी है। एकादशी का परिवार विष्णु को मिशन है। इस पावन दिन विधि-व्यवस्था से विष्णु की पूजा- ️️️️️️ विष्णु की कृपा से व्यक्ति के सभी मनोविकार प्रभावित होते हैं। जिस व्यक्ति पर व्यक्ति विष्णु की कृपा करता है, वह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है जो लक्ष्मी के समान है। माँ लक्ष्मी धन की देवी हैं और विष्णु की अर्धांगिनी हैं। माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए माता लक्ष्मी के साथ विष्णु की पूजा करें। एकशी के दिन विष्णु और माता लक्ष्मी का अधिक से अधिक ध्यान रखें। इस बात का विशेष रूप से इस प्रकार का सात्विक स्वास्थ्य का भोग पूरी तरह से अच्छा है। इस पावन व्यक्ति विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती में शामिल हों। सु की आरती से शुभ फल की उपस्थिति में ऐसा होता है। आगे आगे बढ़ें विष्णु और माता लक्ष्मी आरती…

  • गोकू विष्णु जी की आरती…

ॐ जय जगदीश, स्वामी! जय जगदीश।
भक्तजनों के संकट में दूर करे॥

जो ध्याय फल पावै, दुर्भाग्य से मन का।
सुख-संपति घर, अचंभेड़ मिटे तन का॥ जय…॥

माता-पिता मेरे, शरण गहुं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, अस्स बैठक जय…॥

तुम पूनम महात्म्य, तुम अंतर्यामी॥
परब्रह्म परेश्वर, आप अद्भुत जय…॥

तुम करुणा के सागरों को पालने वाले।
मैं मूरख खलकाम, कृपा करो भरता॥ जय…॥

एक अगोचर, आप असफल रहे।
विधि मिलन दयामय! तुमको मैं कुमति॥ जय…॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने गणपति, डा. जय…॥

विषय रोधीओ, पाप हरो देवा।
स्मार्ट-भक्ति बढ़ाएं, संतन की सेवा॥ जय…॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ।
तेराको अर्पणा। जय…॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ जय…॥

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  • माता लक्ष्मी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत, मैया जी कोशदिन * सेवत हरि विष्णु विधाता

जय लक्ष्मी माता-2

उमा, रमा, ब्रह्मणी, तुम ही जग-माता:

सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता

जय लक्ष्मी माता-2

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख दाता

जो तुमको ध्यानवत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता

जय लक्ष्मी माता-2

तुम पाताल-निवासी, तुम ही शुभदाता

कर्म- प्रभाव-प्रकाशिनी, संस्था की त्राता

जय लक्ष्मी माता-2

सब सद्गुण

ज्ञान की प्राप्ति, मन की पवित्रता

जय लक्ष्मी माता-2

तुम्‍ब…

खान-पान का वैभव, सभी प्रकार की दृष्टि

जय लक्ष्मी माता-2

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोधि-जाता

रत्न चतुर्दश

जय लक्ष्मी माता-2

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता

उर आनंद समाता, पछाड़ उतरना

जय लक्ष्मी माता-2

जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत,

मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता

जय लक्ष्मी माता-2

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