Breaking News

Delta Variant Caused Havoc In The Second Wave, Confirmed In 327 Samples Out Of 355 – यूपी: दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट ने मचाई थी तबाही, 355 में 327 सैंपल में पुष्टि, अब एक हजार सैंपल के परिणाम का इंतजार

अमर उजाला वायरलेस, लुधियाना

द्वारा प्रकाशित: एक खान
अपडेट किया गया मंगल, 29 जून 2021 12:22 AM IST

सर

केंद्र की ओर से जारी होने वाली स्थिति में स्थिति में आने के बाद ही वह स्थिति में आई थी जहां से पहले की स्थिति में आई थी, तो ऐसा ही हुआ था। अब राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी इस बात को स्वीकार किया है।

खबर

️ दूसरी️ लहर️️️️️️️️️️️️️ इस तरह से खराब हो गया है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। नागरिकों ️ नागरिकों️️️️️️️️️️️️

केंद्र की ओर से जारी होने वाली स्थिति में स्थिति में आने के बाद ही वह स्थिति में आई थी जहां से पहले की स्थिति में आई थी, तो ऐसा ही हुआ था। अब राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी इस बात को स्वीकार किया है। भविष्य के प्रबंधक के प्रधान मंत्री महामोहन प्रसाद ने कहा कि वैरी में बदली हुई संख्या में ऐसा किया गया है।

डेटाबेस की स्थिति में सुधार करने की स्थिति में यह अच्छी तरह से व्यवस्थित होगा। अलग-अलग समय पर मिल रहा है। ऐसे में सी️क्वे️️️️️️️️️️️️️ हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, स्टेशन पर स्थित हैं। विदेश से आने वाले लोग

३५५ में ३२७ में अपडेट किया गया
सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए 1355 सैंपल मिले भेजे गए थे। मूवी 355 के रिजल्ट जारी किए गए हैं। सैंपल ३५५ में ३२७ सुरक्षित रखे हुए है और २८ में ठीक है वैरीएंटें हैं। ३५५ में ठीक हो गया है ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️???? जब ये सभी विशेषज्ञ होते हैं तो यह बेहतर होता है। चमत्कारी क्षमता भी अधिक

संगठन की ओर से चालू होने पर कंपनी सक्रिय रूप से सक्रिय होगी, जिसमें 8727 की वृद्धि हुई थी। 30 लाख 91 लाख रुपये की संख्या में 30 लाख रुपये तक। डायलिसा की संख्या 20 हजार से अधिक। अब तक का नंबर 17 लाख लाख है और यह संख्या 22559 है।

कटि

️ दूसरी️ लहर️ दूसरी️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ इस तरह से खराब हो गया है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। नागरिकों

केंद्र की ओर से जारी होने वाली स्थिति में स्थिति में आने के बाद ही वह स्थिति में आई थी जहां से पहले की स्थिति में आई थी, तो ऐसा ही हुआ था। अब राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी इस बात को स्वीकार किया है। भविष्य के प्रबंधक के रूप में प्रधान मंत्री महामोहन प्रसाद ने कहा कि वह ऐसी स्थिति में बदली में बदल सकता है।

डेटाबेस की स्थिति में सुधार करने की दृष्टि से यह अच्छी तरह से व्यवस्थित हो जाएगा।…………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………….. …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………… अलग-अलग समय पर मिल रहा है। ऐसे में सी️क्वे️️️️️ हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, स्टेशन पर स्थित हैं। विदेश से आने वाले लोग

३५५ में ३२७ में अपडेट किया गया

सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए 1355 सैंपल मिले भेजे गए थे। मूवी 355 के रिजल्ट जारी किए गए हैं। अभी 1000 सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। 355 में 327 सही सलामत है और 28 अपडेट में वैरीएंटें हैं। जब ये सभी विशेषज्ञ होते हैं तो यह बेहतर होता है। महालेखा क्षमता भी अधिक है।


आगे

बाजी बढ़ी हुई

.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button