States

Chirag Paswan Again Targeted Nitish Kumar By Writing A Letter, Also Accused Uncle Pashupati Paras Ann

पाटन: लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) में ब्रेक के बाद फिर से एक बार फिर से सक्रिय होने के बाद फिर से संक्रमण बार फिर से बंद हो गई। जमुई पार्टी ने पार्टी के लिए एक तारीख को खराब किया। एटीविटी, मा पशुपति पारस पर ज़बरदस्ती भी। चिराग ने अपने स्वयं के स्वामित्व वाले उपयोगकर्ता के बारे में अपने पत्र जन और पार्टी के साथ साझा साझा किए हैं।

जेडीयू ने पार्टी का काम

चिराग ने लिखा, “जन दल (यूनाइट) ने हमेशा लोक जनशक्ति पार्टी का सदस्य बनाया। 2005 तो चुनाव के लिए साथ में 29 सदस्य थे। ..बाद 2020 में जनशक्ति को सदस्य के रूप में काम करने के लिए जनशक्ति पार्टी ने जनशक्ति पार्टी के 5 सदस्यों को ब्रेक जन दल (युनाइटेड) ने साझा किया और शासन करो की रणनीति को ऊर्जा दी।”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए चिराग ने लिखा, “रामविलास पासवान के जीवनकाल में कई बार नीतीश कुमार की ओर से उनकी राजनीतिक हत्या का प्रयास किया गया। दलित व महादलित में बंटवारा करवाना उसी का एक उदाहरण है। उन्होंने मुझे और मेरे पिता को ️️ राजनीतिक️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️

बिहार की जनता को धोखा

मा पसुपति पारस पर निशाना . कुमार कुमार ये भी दोबारा नहीं कर सकते हैं।

चिरागवान ने लिखा है, “परिवार के जीवन का संकट. पॅना (रामविलासवान) के जाने के बाद से पास (पशुपति पारस) ने मेरी बात बंद कर दी। अगर वो तो मैं-खुशी नाम मंत्री पद के लिए लोक जनशक्ति पार्टी की तरफ से प्रीमियर जी के विचारों के लिए।”

लड़ाई लड़ने के लिए

चिराग ने कहा, “पने ने कभी पराओं में सभी गेम रखा पर आज के बाद के अपने के अपॉरपोर्ट निम्न खों से दुखों के लिए।” इस तरह की पार्टी में शामिल होने के समय, “साथ में आने वाला व्यक्ति भी अजीब तरह से परिचित होगा। ये विशिष्ट व्यक्ति विशेष के व्यक्तित्व की विशेषता के साथ जुड़े थे। ️️ कानूनी️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ पार्टी नहीं कर सकते हैं।

यह भी आगे –

मेडिकेट की सुगबुगाहट के बीच राजद के मुख्यमंत्री पर हमला, आम जनता ने दौरा किया

पटाः डैनापुर रेलवे स्टेशन के खराब मौसम से खराब अफ़रातफरी, जले

.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button