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भारतीय संविधान का जनक किसे कहा जाता है?

bhartiya samvidhan ka janak kise mana jata hai

भारतीय संविधान भारत को लोकतांत्रिक देश बनाने में मदद करता है क्योंकि इस संविधान के द्वारा ही भारतीय दंड संहिता, भारतीय कानून अपना वास्तविक रूप प्राप्त करते हैं।  भारतीय संविधान के द्वारा ही भारत का लोकतंत्र चलित होता है।  लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस महानतम संविधान का जनक कौन है? अर्थात भारतीय संविधान का जनक किसे कहा जाता है? (bhartiya sanvidhan ka janak kise mana jata hai) यदि आप नहीं जानते और जानना चाहते हैं तो आज के लेख में हमारे साथ अंत तक बने रहिएगा।  क्योंकि आज हम आपको बताएंगे कि भारतीय संविधान का जनक किसे कहा जाता है (bharat ke sanvidhan ka pita kaun mana jata hai)।

तो चलिए शुरू करते हैं:-

भारतीय संविधान का जनक किसे कहा जाता है? | bhartiya sanvidhan ka janak kise kaha jata hai

भारतीय संविधान का जनक उन्हें माना जाता है जिन्होंने भारतीय संविधान को बनाया था, और ऐसा करने वाले और कोई नहीं बल्कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर “Dr. Bhimrao Ambedkar” जी थे।  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी 29 अगस्त 1947 को संविधान सभा के द्वारा बनाई गई प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।  उन्होंने अपने तार्किक सशक्त और प्रेरक तत्वों के द्वारा संविधान को एक नया आकार दिया।

बाबासाहेब अंबेडकर जी के नाम से जाने जाने वाले डॉक्टर भीमराव अंबेडकर प्रभावशाली लेखक भी थे, तथा संविधान के विशेषज्ञ के तौर पर जाने जाते थे।  उन्हें भारत में अनुसूचित जातियों के नेता के तौर पर अधिक माना जाता था।  संविधान के मुख्य वास्तुकार के तौर पर सामने आए थे तथा उन्हें डॉ भीमराव अंबेडकर जी को संविधान तैयार करने के कारण आधुनिक मनु के रूप में भी पहचाना जाता था।

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जीवन परिचय | Dr. Bhimrao Ambedkar Biography in hindi

डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर (Dr. B. R. Ambedkar) जिन्हें उनके लाखों प्रशंसक और अनुयायी प्यार से ‘बाबासाहेब’ कहते हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीवनकाल में अधिक से अधिक परेशानियों का सामना किया है। डॉ अंबेडकर स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में उभरे। डॉ. अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को हुआ था और उनके पिता का नाम रामजी मालोजी संकपाल और माता का नाम भीम बाई था।

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भारतीय संविधान का जनक किसे माना जाता है | bhartiya sanvidhan ke janak kise kaha gaya hai
नाम (Name) डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर
(Bhimrao Ramji Ambedkar)
जन्म (Birthday) 14 अप्रैल, 1891 (Ambedkar Jayanti)
जन्मस्थान (Birthplace) महू, इंदौर, मध्यप्रदेश
पिता (Father Name) रामजी मालोजी सकपाल
माता (Mother Name) भीमाबाई मुबारदकर
जीवनसाथी (Wife Name) पहला विवाह– रामाबाई अम्बेडकर (1906-1935);
दूसरा विवाह– सविता अम्बेडकर (1948-1956)
शिक्षा (Education) एलफिंस्टन हाई स्कूल, बॉम्बे विश्वविद्यालय,
1915 में एम. ए. (अर्थशास्त्र)।
1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय से PHD।
1921 में मास्टर ऑफ सायन्स।
1923 में डॉक्टर ऑफ सायन्स।
संघ समता सैनिक दल
स्वतंत्र श्रम पार्टी
अनुसूचित जाति संघ
राजनीतिक विचारधारा समानता
प्रकाशन अछूत और अस्पृश्यता पर निबंध जाति का विनाश(द एन्नीहिलेशन ऑफ कास्ट)
वीजा की प्रतीक्षा (वेटिंग फॉर ए वीजा)
मृत्यु (Death) 6 दिसंबर, 1956

डॉ भीमराव अम्बेडक  का परिवार ( B R Ambedkar Family)

पिता का नाम (Father’s Name) रामजी मालोजी सकपाल (सेना अधिकारी)
माता का नाम (Mother’s Name) भीमाबाई सकपाल
भाई का नाम (Brother ’s Name)  बलराम, आनंदराव 
बहन का नाम (Sister ’s Name) मंजुला, तुलसी, गंगाबाई, रमाबाई
नोट: उनके कुल 13 भाई-बहन थे,
जिनमें से केवल तीन भाई और 2 बहनें बची थीं।
पत्नी का नाम (Wife’s Name) पहली पत्नी: रमाबाई अम्बेडकर
दूसरी पत्नी: सविता अम्बेडकर
बेटे का नाम (Son ’s Name)  राजरत्न अम्बेडकर , यशवंत अम्बेडकर 
बेटी का नाम (Daughter’s Name) इंदु

डॉ भीमराव अंबेडकर का निधन

डॉ भीमराव अम्बेडकर 1948 से मधुमेह से पीड़ित थे और 1954 तक वे बहुत बीमार रहे। 3 दिसंबर 1956 को डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपनी अंतिम पांडुलिपि बुद्ध और धम्म उनके को पूरा किया और 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में अपने घर पर अंतिम सांस ली। चौपाटी समुद्र तट पर बौद्ध शैली में बाबासाहेब का अंतिम संस्कार किया गया। इस दिन से अम्बेडकर जयंती को सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है।

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के जीवन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी को बाबा साहब अंबेडकर के नाम से जाना जाता था। बाबासाहेब आंबेडकर राष्ट्रवादी, न्यायवादी, दलित राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता, मानव वैज्ञानिक, इतिहासकार, कुशल वक्ता, दार्शनिक विचारक, लेखक, अर्थशास्त्री, विद्वान, संपादक, क्रांतिकारी, बौद्ध धर्म के पुनरुत्थानवादी, के तौर पर जाने जाते थे।
  • इसके अलावा बाबासाहेब आंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य वास्तुकार माना जाता था। बाबासाहेब आंबेडकर जी एक गरीब अछूत परिवार में जन्मे थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक भेदभाव को दूर करने में बिताया।
  • 29 अगस्त 1947 को मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में बाबा साहब अंबेडकर जी ने संविधान को बनाने का जिम्मा अपने हाथ में लिया।
  • बाबासाहेब आंबेडकर संविधान सभा के सबसे अधिक शिक्षित व्यक्ति थे सन 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया भारतीय संविधान का जनक किसे कहा जाता है (bhartiya sanvidhan ka janak kise kaha gaya hai) के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

FAQ

डॉ भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक क्यों कहा जाता है?

उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों (दलितों) के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया। साथ ही श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। वह स्वतंत्र भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारत गणराज्य के संस्थापकों में से एक थे।

भारत के संविधान में कितने पेज है?

भारत का संविधान 251 पृष्ठों का है, जो सभी संविधानों को परख कर बनाया गया है। यह संविधान 26 नवंबर 1949 को पारित हुआ था और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था लेकिन 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्र होने के बाद इसकी घोषणा की गई थी।

भारत के संविधान के लेखक कौन हैं?

भारतीय संविधान के लेखक डॉ भीमराव अंबेडकर थे जिन्होंने भारत का संविधान लिखा और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को लिखित संविधान प्रदान किया।

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