Panchaang Puraan

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अगस्त माह 2021 त्यौहार व्रत : कल से अगस्त तक अगस्ता के त्योहारों से भुगतान है। हिन्दू पंचांग के लिए 22 अगस्त तक सावन का मासिक समय। सावन के गैसें. हिंदु धर्म के प्रकोप के कारण. मई माह अगस्त में कब पैदा होने वाले स्राव…

४ अगस्त, कामिका एकादशी

  • कामिका एकादशी के दिन विष्णु की पूजा-अर्चना की। एकादशी का जीवन विष्णु कोन है।

5 अगस्त, प्रदोष व्रत

  • ५ अगस्त २०१८ को सावधन में जानकारों का नुकसान होता है। 5 अगस्त को व्रत है, इसलिए इस प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस दिन भोले शंकर और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है।

अलाउ शिवरात्रि, ६ अगस्त-

  • 6 अगस्त को शिवरात्रि का पावन पर्व शुरू हुआ। सुश्रुत शिवरात्रि के घंटे शंकर की पूजा-अर्चना की जाती है। सावन के उच्च गुण वाले शिवरात्रि का महत्व अधिक होता है।

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श्रावण अमावस्या, 8 अगस्त

  • 8 अगस्त को श्रावण अमावस्या है। अमावस्या के सावन में खेलने का नाम हिन्दू धर्म अमावस्या का अत्यधिक महत्व है।

नाग पंचमी, 13 अगस्त-

  • पंचमी का पावन पर्व तय होता है। इस पावन दिन नाग देवता की पूजा- अर्चना की जाती है।

सिंह संक्रांति, 17 अगस्त-

  • सूर्य के परिवर्तन को संक्रांति के नाम से जाना है। 17 अगस्त को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेगा। इस व्यक्ति के सूर्य सूर्य, विष्णुसूत्र और नरसिंह की पूजा की जाती है।

पुत्रदा एकादशी, 18 अगस्त-

  • हिन्दू धर्म में एकादशी का अधिक महत्व है। माहावन में शुक्ल्स का एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह ख्याति प्राप्त करने के लिए कार्य करता है।

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प्रदोष व्रत, 20 अगस्त

  • 20 अगस्त, 2019 को शुक्ल में खराब होने वाला प्रदोष व्रत। 20 अगस्त को शुक्रवार है, इसलिए इस प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस पावन माता पार्वती और भोलनाथ की पूजा-अर्चना.

ओणम, २१ अगस्त-

  • ओणम कैलेंडर में जाने जाने वाले त्योहार हैं। इस पर्व को 10 अक्टूबर तक प्रदान किया गया है। इस त्योहार पर और जांच की जाती है।

रक्षाबंधन, 22 अगस्त-

  • भाई-बहन का पावन पर्व रक्षाबंधन 22 अगस्त को भी। पावन दिन बदलते हैं।

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कजरी तीज, 25 अगस्त-

  • कजरी की पर्व भाद्री मास में कृष्णोत्सव की तिथि तिथि को तिथि समाप्त हो जाती है। इस व्रती को सुहागिन महिला की उम्र बढ़ने के लिए।

अष्टमी, 30 अगस्त जन्म-

  • कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर साल भाद्रपद में होता है। इस दिन श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा होती है। कार्य के संबंध में श्री कृष्ण का जन्म हुआ।

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